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डस्ट नियंत्रण के लिए बड़ा कदम, पोर्टल 2.0 की समीक्षा पूरी
नई दिल्ली: राजधानी में मंत्री सिरसा ने ‘डस्ट पोर्टल 2.0’ की समीक्षा बैठक की और इसके शीघ्र लॉन्च के संकेत दिए हैं। बैठक में पोर्टल की तकनीकी तैयारियों, उपयोगिता और इसके माध्यम से नागरिक सेवाओं को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि नए संस्करण में सिस्टम को अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और तेज बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर डिजिटल सेवाएं मिल सकें। बैठक के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पोर्टल की मुख्य विशेषताओं और उसके काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी दी। यह पोर्टल दिल्ली के सभी क्षेत्रों में निर्माण से जुड़ी गतिविधियों और पर्यावरण से जुड़े नियमों के पालन पर नजर रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रियल-टाइम विश्लेषण, स्वचालित मूल्यांकन, एआई-पावर्ड कैमरे, पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) सेंसर और डिजिटल गवर्नेंस टूल्स का इस्तेमाल करेगा। यह पोर्ट अधिक डेंसिटी वाले ग्रीन एंटी-डस्ट नेट और एंटी-स्मॉग गन जैसी पर्यावरण को नियंत्रित करने वाले उपायों की निगरानी करने में सहायक साबित होगा। अगर प्रदूषण के स्तर में तय मानकों से अधिक कोई भी बदलाव होता है, तो स्वतः अलर्ट जारी हो जाएंगे, जिससे समय पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय किए जा सकेंगे। मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए स्वच्छ हवा और बच्चों के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सभी मौजूदा सिस्टम और प्रक्रियाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डस्ट पोर्टल 2.0 दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का एक सशक्त माध्यम साबित होगा। मंत्री सिरसा ने कहा कि हमारा मकसद सिर्फ़ डेटा इकट्ठा करना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करना है। हर कंस्ट्रक्शन साइट को धूल कंट्रोल के नियमों का पालन करना होगा, और टेक्नोलॉजी हमें रियल-टाइम में नियमों के उल्लंघन की पहचान करने में मदद करेगी। दिल्ली में डेवलपमेंट के काम लोगों की सेहत की कीमत पर नहीं हो सकते। डस्ट पोर्टल 2.0 पारदर्शिता, जवाबदेही और लापरवाही के ख़िलाफ़ तुरंत कार्रवाई को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि डस्ट पोर्टल 2.0 की प्रमुख विशेषताओं में क्यूआर कोड आधारित साइट मॉनिटरिंग सिस्टम शामिल है, जिसके तहत प्रत्येक पंजीकृत निर्माण स्थल को एक विशिष्ट क्यूआर कोड प्रदान किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस पोर्टल के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़े और नागरिकों को सुविधाएं समय पर उपलब्ध हों।