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किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की दी जानकारी
पानीपत / जींद (निर्मल सिंह विर्क) : भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय एकीकृत नाशी जीव प्रबंधन केंद्र फरीदाबाद रीजनल सेंट्रल इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर (CIPMC) फरीदाबाद के क्षेत्रीय हेड एवं उपनिदेशक , डॉ. वंदना पांडेय के निर्देशन में जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक, कृषि, डॉ. गिरीश नागपाल , डॉ. ईश्वर दत्त एपीपीओ के सहयोग से कपास और धान की फसलों में बीज उपचार के बारे मे गांव करसिधू ब्लॉक उचाना ज़िला जींद में किसान सभा का आयोजन किया गया जिसमें बीज उपचार , कीटनाशकों का सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग और इनपीपी इस मोबाइल ऐप के बारे मे जानकारी दी गई व ट्राईकोडर्मा, जैव कीटनाशक बीज उपचार के लिए किसानों को वितरित किया एवं जिला के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया और किसान भाइयों को कपास और धान में लगने वाले कीट एवं व्याधि से निप टने के लिए बीज उपचार जरूर करें ताकि धान में पिछले साल आने वाले बौना रोग और अन्य कीट/बीमारियों से बचा जा सके तथा यांत्रिक एवं बायो पेस्टीसाइड उपायों की जानकारी प्रदान दी गई यह भी सलाह दी गई है कि कपास की फसल के शुरुआती दौर में एक खेत में कीटो की निगरानी / रोकथाम के लिए 40-45 दिन ke बाद कम से कम 4 फेरोमन ट्रैप और कपास का लयूर का इस्तमाल करे। सर्वेक्षण के दौरान किसानों को इनपीएसएस मोबाइल एप्लीकेशन राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली, मोबाइल ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी भी दी जिससे किसान ऐप के माध्यम से अपनी फसल में लगने वाले कीट एवं व्याधि की जानकारी और सलाह इस ही द्वारा तत्काल प्राप्त होगी और अनावश्यक केमिकल पेस्टीसाइड का इस्तमाल रोका जा सके। इस संयुक्त सर्वेक्षण के दौरान टीम में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के RCIPMC, फरीदाबाद से डॉ. लक्ष्मी कांत , सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी, डॉ. के. पी. शर्मा , सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी और डॉ. सुरजीत बर्मन, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारियों एवं हरियाणा राज्य सरकार के जिला कृषि विभाग से अंकित शर्मा कृषि निरीक्षक, संजीव कुमार एवं अन्य गणमान्य किसान उपस्थित रहे