गिग इकॉनमी से जुड़े कामगारों के लिए बड़ा अभियान
चंडीगढ़:हरियाणा सरकार गिग वर्कर्स (ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले श्रमिकों) के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने जा रही है।
इस अभियान के तहत डिलीवरी, कैब, फ्रीलांस और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े श्रमिकों को रजिस्टर किया जाएगा, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और जागरूकता अभियान के जरिए अधिक से अधिक गिग वर्कर्स को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश बुधवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन 2047 के अंतर्गत श्रम विभाग के अगले 5 वर्ष के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के कल्याण तथा वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के संबंध में भी अधिकारियों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा व अन्य लाभ देने की घोषणा की थी। इसी प्रकार केंद्र सरकार भी गिग वर्कर्स के कल्याण की योजना बना रही है। पात्र व्यक्तियों तक समुचित लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक है कि सभी गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन किया जाए, इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। गिग वर्कर्स की नियुक्ति वाले सभी प्लेटफॉर्म से भी संपर्क किया जाए।
श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि इस समय प्रदेश में 21777 गिग वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं और बचे हुए गिग वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए विभाग द्वारा संबंधित प्लेटफार्म पर कर्मचारियों को भेजकर जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग गिग वर्कर्स के रजिस्ट्रेशन तथा अन्य कामगारों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए किए जाने वाले कार्यों का पूरा कैलेंडर बनाकर दें।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रम विभाग के माध्यम से श्रमिकों के लिए 30 से अधिक योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं को श्रमिकों तक प्रभावशाली ढंग से पहुंचाने के लिए श्रम विभाग का संरचनात्मक पुनर्गठन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से असंगठित क्षेत्र के इन श्रमिकों को पहचान मिलेगी और उनके हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।