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पंजाब/यूटर्न/27 मई। वेब सीरीज लुखे में महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान सेशन जज एच.एस. ग्रेवाल की अदालत ने कहा कि वीडियो क्लिप में इस्तेमाल की गई भाषा बेहद अशोभनीय, अपमानजनक और पूरे महिला वर्ग का अपमान करने वाली है। मामला सेक्टर-36 थाना में दर्ज एफआईआर नंबर-72 से जुड़ा है। इस मामले में शिकायतकर्ता एडवोकेट उज्जवल भसीन ने आरोप लगाया कि वीडियो में महिलाओं के लिए बेहद अपमानजनक और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। स्क्रिप्ट के मुताबिक निभाया किरदार योगराज की ओर से पेश वकीलों ने अदालत में दलील दी कि वह पूर्व भारतीय क्रिकेटर, पंजाबी अभिनेता और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति हैं। उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि वेब सीरीज की स्क्रिप्ट पहले से तैयार थी और उन्होंने केवल अभिनेता के तौर पर अपना किरदार निभाया। उनका किसी को ठेस पहुंचाने या महिलाओं का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था। वकीलों ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। अभिव्यक्ति की आजादी की भी सीमा होती है अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि यह जानना जरूरी है कि आपत्तिजनक शब्द किसने लिखे और समाज को इस हद तक आहत करने की अनुमति किसने दी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा “बेहद शर्मनाक, अपमानजनक और अश्लील” है। अदालत ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुंचाने की सीमा तक नहीं जा सकता। सेशन जज ने कहा कि मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है और यह पता लगाया जाना बाकी है कि वेब सीरीज के कंटेंट को तैयार करने और रिलीज करने में कौन-कौन लोग शामिल थे। ---