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​मौज-मस्ती नहीं, तपती गर्मी में उम्मीदवारों ने बहाया है पसीना; किसी के साथ न हो धक्काशाही
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब में 26 मई को होने जा रहे नगर निगम, नगर कौंसिल और नगर पंचायत चुनावों को लेकर सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है। सभी राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। इस चुनावी समर की सबसे खूबसूरत बात यह है कि पुरुष उम्मीदवारों के साथ-साथ महिला उम्मीदवार भी इस तपती गर्मी में कंधे से कंधा मिलाकर जी-तोड़ मेहनत कर रही हैं। ​इन जमीनी कोशिशों के बीच, पूर्व पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर प्रेम सिंह भंगू ने प्रशासन से चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने की पुरजोर अपील की है। ​नेताओं की मेहनत न जाए बेकार, दबावमुक्त होकर काम करे प्रशासन ​पूर्व इंस्पेक्टर प्रेम सिंह भंगू ने कहा कि इस भीषण गर्मी में हर उम्मीदवार दिन-रात एक कर रहा है। ऐसे में किसी भी योग्य और मेहनती उम्मीदवार की साख और मेहनत बेकार नहीं जानी चाहिए। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा: ​"अक्सर यह देखने और सुनने में आता है कि मौजूदा सरकारें अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावों में धक्काशाही (गढ़बड़ी) करने की कोशिश करती हैं। प्रशासन को इस पर नकेल कसनी होगी।" ​भंगू ने प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की है कि वे सत्तारूढ़ दल या किसी भी बाहरी दबाव में आए बिना, पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से इस चुनावी प्रक्रिया को संपन्न करवाएं। ​निष्पक्ष चुनाव ही लोकतंत्र की असली रीढ़ ​उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जब चुनाव पूरी तरह पारदर्शी होंगे, तभी आम जनता और उम्मीदवारों का देश के संविधान, कानून और चुनाव आयोग के संवैधानिक ढांचे पर विश्वास और मजबूत होगा। ​मुख्य मांगें और विचार: ​समान अवसर: प्रशासन का यह परम कर्तव्य है कि वह हर उम्मीदवार को चुनाव लड़ने का एक समान और सुरक्षित माहौल प्रदान करे। ​लोकतंत्र की मजबूती: स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही एक स्वस्थ और मजबूत लोकतंत्र की असली पहचान हैं। ​अधिकारियों की जिम्मेदारी: चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी किसी भी राजनीतिक प्रभाव से ऊपर उठकर सिर्फ अपनी ड्यूटी के प्रति वफादार रहें।