लुधियाना 14 Jan ।
पंजाब के लुधियाना में मकर संक्रांति के दिन बड़ा स्वास्थ्य हादसा सामने आया, जब गांव अयाली कलां के धार्मिक स्थल में प्रसाद के रूप में बांटा गया गजरेला (गाजर का हलवा) खाने से करीब 50 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। गजरेला खाने के कुछ ही समय बाद लोगों को उल्टी, दस्त, चक्कर और बेहोशी की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर पीड़ितों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार हर वर्ष की तरह इस बार भी गांव के धार्मिक में मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष समागम आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान प्रसाद में गजरेला वितरित किया गया, जिसे खाने के बाद लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला मंजीत कौर ने बताया कि वह गुरुद्वारे से गजरेला घर लाई थीं। परिवार के सभी सदस्यों ने 2-3 चम्मच गजरेला खाया। सुबह करीब 8 बजे खाने के बाद 9 बजे उन्हें तेज उल्टियां शुरू हो गईं और दवा लेने जाते समय वह बेहोश होकर गिर पड़ीं।
वहीं, गुरप्रीत कौर ने बताया कि उनकी सास गुरुद्वारे से गजरेला लाई थीं। गजरेला खाने के बाद उन्हें और उनके बेटे को उल्टियां होने लगीं और मेडिकल शॉप पर दोनों बेहोश हो गए।
डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की पुष्टि की
रघुनाथ अस्पताल की डॉक्टर मंदीप कौर ने बताया कि उनके पास 35 से 40 मरीज पहुंचे, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी को फूड पॉइजनिंग हुई है। मरीजों के अनुसार गजरेला 2-3 दिन पहले बनाया गया था, जिसके कारण उसमें संक्रमण या जहरीला तत्व पनप गया। उन्होंने बताया कि जिन्होंने ज्यादा मात्रा में गजरेला खाया, उनमें लक्षण ज्यादा गंभीर हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने झाड़ा पल्ला
गुरुद्वारा के मैनेजर गुरचरण सिंह ने कहा कि गजरेला गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से नहीं बांटा गया था। कुछ ग्रामीण हर साल आपस में पैसे इकट्ठा कर लंगर लगाते हैं और उसी दौरान गजरेला प्रसाद बांटा गया। उनके अनुसार, एक घंटे बाद जब लोगों ने बीमार होने की सूचना दी, तो तुरंत अनाउंसमेंट कर गजरेला न खाने की अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि लंगर लगाने की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और पुलिस से पूरे मामले की जांच करने को कहा गया है।
पुलिस जांच में जुटी, सभी मरीज खतरे से बाहर
सराभा नगर थाना के SHO आदित्य शर्मा ने बताया कि सभी मरीज अब खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने मौके का जायजा लिया है और सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। जो भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर लापरवाही और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, वहीं प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए भी यह एक बड़ी चेतावनी मानी जा रही है।