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"स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने टीबी पर दी अहम जानकारी, 100 दिवसीय टीबी मरीजों को न्यूट्रिशन किट की वितरित"
पानीपत (निर्मल सिंह विर्क) : यु-टर्न 25 मई। एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में सोमवार को 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग पानीपत एवं इसराना स्थित एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना होगा। योग, संतुलित पोषण और समय पर दवाई लेने से तपेदिक पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है। टीबी मरीज नियमित उपचार और सावधानी बरतकर एक वर्ष के भीतर स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकता है। सरकार द्वारा मरीजों को उपचार के दौरान आर्थिक सहायता और पोषण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उपायुक्त ने कार्यक्रम का शुभारंभ प्रज्वलित कर किया व इस दौरान टीबी मरीजों को पोषण किट वितरित की तथा परिसर में पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर संस्थान पदाधिकारियों ने उपायुक्त का बुके एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उपायुक्त डॉ. विरेंदर कुमार दहिया ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। जागरूकता और सकारात्मक सोच से तपेदिक जैसी बीमारी को पूरी तरह हराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ मरीजों का इलाज करना नहीं, बल्कि भारत को टीबी मुक्त बनाना है और इसमें जनभागीदारी सबसे बड़ी शक्ति साबित होगी। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. विजय मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को टीबी मुक्त बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर ही इस बीमारी को समाप्त किया जा सकता है। एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सचिव विजय गुप्ता ने बताया कि संस्थान वर्तमान में 100 टीबी मरीजों का उपचार करवा रहा है और भविष्य में भी इस अभियान को लगातार जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी संस्था टीबी उन्मूलन की दिशा में कार्य करेगी, संस्थान उसका सहयोग करेगा। संस्थान के चेयरमैन धर्मवीर गुप्ता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि संस्थान 6 महीने तक मरीजों का उपचार करवाएगा तथा इसके बाद 100 और रोगियों के इलाज में सहयोग देगा। इस अवसर पर रेडक्रॉस सचिव गौरव रामकरण, डॉ. संतलाल वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर सुदेश, प्रिंसिपल पी.के. सिंह, रामकुमार मेजर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।