चंडीगढ़/यूटर्न/24 मई। अमेरिकी प्रेजिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बाद उनकी बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की साज़िश रची जा रही थी। हाल ही में एक इराकी आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। उस पर पूरे यूरोप में आतंकी हमलों की साज़िश रचने का आरोप है, अब एक ऐसी खौफ़नाक साज़िश के केंद्र में है, जिसका कथित निशाना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप थीं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 32 वर्षीय मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी ने 2020 के उस अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला लेने के लिए इवांका ट्रंप की हत्या करने की "कसम" खाई थी, जिसमें ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी मारा गया था।
घर का नक्शा हासिल किया
इस मामले से जुड़े सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में दावा किया है कि अल-सादी ने इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर का नक्शा भी हासिल कर लिया था और ऑनलाइन धमकियाँ पोस्ट की थीं, जिनमें यह संकेत दिया था कि ट्रंप परिवार के सदस्यों पर नज़र रखी जा रही है। ये आरोप तब सामने आए जब अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने अल-सादी पर पूरे यूरोप में अमेरिकियों और यहूदी संस्थानों को निशाना बनाते हुए कम से कम 18 आतंकवादी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में समन्वय करने का आरोप लगाया।
इवांका ट्रंप को कथित तौर पर क्यों निशाना बनाया गया ?
अल-सादी सुलेमानी की हत्या के बदले में डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ एक प्रतीकात्मक बदला लेने के तौर पर इवांका को निशाना बनाना चाहता था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल-सादी ने फ्लोरिडा के उस इलाके का एक नक्शा पोस्ट किया था, जहाँ इवांका ट्रंप और जेरेड कुशनर का कथित तौर पर 24 मिलियन डॉलर का घर है; इस नक्शे के साथ अरबी भाषा में एक धमकी भरा संदेश भी लिखा था।
मोहम्मद अल-सादी कौन है?
अमेरिकी अभियोजक अल-सादी को 'कताइब हिज़्बुल्लाह' से जुड़ा एक कमांडर बताते हैं। यह ईरान समर्थित एक इराकी मिलिशिया है, जिसे वाशिंगटन ने एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। संघीय अभियोजकों का आरोप है कि अल-सादी ने पूरे यूरोप में यहूदी और अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों पर हुए कई हमलों में समन्वय किया था।
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