केवल पहली बार ही, खिला रहे बादाम।
भैया अगली बार हम, निपटा देंगे काम।
निपटा देंगे काम, रूल यदि फिर तोड़ेंगे।
काटेंगे चालान, नहीं बिल्कुल छोड़ेंगे।
कह साहिल कविराय, धरेगा वहीं सिपहैया।
बार-बार बादाम, खिलायेंगे ना भैया।
प्रस्तुति --- डॉ. राजेन्द्र साहिल