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Chandigarh: हरयाणा सरकार का बड़ा कदम, उद्योगों के लिए 10 नीतियां लागू - Uturn Time
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10 नीतियों से उद्योगों को मिलेगी नई ताकत
चंडीगढ़: Haryana सरकार ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए एक साथ 10 नई औद्योगिक नीतियों को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इन नीतियों के लागू होने से राज्य में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिलेगा। मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी। यह नीति एचईईपी 2020 का स्थान लेगी और यह प्रदेश की मुख्य औद्योगिक नीति होगी। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये का नया निवेश, 10 लाख नए रोजगार और प्रदेश के निर्यात को बढ़ाने के लक्ष्य पर फोकस किया गया है। नई नीति में पुरानी ए, बी, सी और डी ब्लॉक आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था को समाप्त कर कोर, इंटरमीडिएट, सब-प्राइम और प्राइम/फोकस क्षेत्र आधारित नई व्यवस्था लागू की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सभी ब्लॉकों में औद्योगिक निवेश के लिए वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से अब औद्योगिक प्रोत्साहन प्रदेश के हर ब्लॉक तक पहुंचेंगे और जिन क्षेत्रों में उद्योगों की अधिक आवश्यकता है, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। इस नीति में 30 प्रतिशत से 70 प्रतिशत तक शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। बड़ी इकाइयों को यह लाभ7 वर्ष, मेगा इकाइयों को 10 वर्ष और अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को विशेष पैकेज के तहत 12 वर्ष तक लाभ मिलेगा। बड़ी इकाइयों के लिए 5 से 20 प्रतिशत और प्राइम/फोकस क्षेत्रों में मेगा तथा अल्ट्रा मेगा इकाइयों के लिए पात्र पूंजीगत व्यय पर 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। स्टाम्प ड्यूटी में भी 30 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों की नीति तैयार कर चालू वर्ष में लागू करने की बात कही गई थी। यह नीति भारत सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना, इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा विनिर्माण योजना और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप है। आईएमटी सोहना में 500 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। नीति के तहत 20 से 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति इकाई 200 करोड़ रुपये होगी। 50 से 80 प्रतिशत तक परिचालन सहायता भी दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति वर्ष 20 करोड़ रुपये होगी। मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति तैयार कर चालू वर्ष में लागू करने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार खिलौना और खेल उपकरण क्षेत्र में विनिर्माण, निर्यात, डिजाइन, नवाचार और एमएसएमई भागीदारी को बढ़ावा देगी। भारत ने खिलौना क्षेत्र में आयात निर्भरता घटाकर निर्यात बढ़ाया है। इसी अवसर को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित आधारित खिलौनों, स्मार्ट खिलौनों, पर्यावरण अनुकूल खिलौनों और उच्च मूल्य वाले खेल उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति के तहत 30 प्रतिशत पूंजीगत सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति इकाई 50 करोड़ रुपये होगी। पांच वर्षों तक 70 प्रतिशत परिचालन सहायता दी जाएगी, जिसकी सीमा प्रति वर्ष 3 करोड़ रुपये होगी। मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट हरियाणा आईटी/आईटीईएस, एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति 2026 को मंजूरी दी। यह नीति डिजिटल इंडिया, राष्ट्रीय एआई मिशन और राज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। इसके माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी, आईटी सक्षम सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, क्लाउड और बैंडविड्थ आधारित सेवाओं में निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित किया जाएगा। हरियाणा में पहले से 1.55 लाख करोड़ रुपये से अधिक आकार का सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी सक्षम सेवा क्षेत्र है। नई नीति का उद्देश्य हरियाणा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनाना है। गुरुग्राम में वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र और पंचकूला में हरियाणा उन्नत कंप्यूटिंग सुविधा स्थापित की जाएगी। 50,000 से अधिक पेशेवरों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। डेटा सेंटर हब बनने की ओर हरियाणा, नई नीति लागू मंत्रिमंडल ने ड्राफ्ट न्यू हरियाणा डेटा सेंटर नीति 2026 को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में डेटा सेंटर नीति तैयार कर चालू वर्ष में लागू करने की बात कही गई थी। इस नीति के माध्यम से राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, 5जी सेवाओं और डिजिटल शासन के लिए जरूरी डेटा अवसंरचना को मजबूत करेगी। हरियाणा राष्ट्रीय राजधानी से निकटता, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति, 500 प्रतिशत तक फ्लोर एरिया रेश्यो में छूट, दोहरी ग्रिड आपूर्ति और आवश्यक सेवा का दर्जा देकर डेटा सेंटर निवेशकों को आकर्षित करेगा।