चंडीगढ़ 13 Jan । बीमारी और इलाज की कठिन राह पर चल रहे कैंसर मरीजों के लिए लोहड़ी का पर्व इस बार खास बन गया। इंटास फाउंडेशन की ओर से चंडीगढ़ स्थित ‘अपना घर’ केंद्र में कैंसर मरीजों और उनके केयर टेकरों के साथ भावनात्मक माहौल में लोहड़ी मनाई गई। इस मौके पर इलाज की चिंता से कुछ पल दूर रहकर मरीजों ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं और पारंपरिक उत्सव का आनंद लिया।
कार्यक्रम में मौजूद मरीजों और देखभाल करने वालों ने लोहड़ी के गीतों, आपसी बातचीत और सामूहिक सहभागिता के जरिए सकारात्मक माहौल बनाया। आयोजन खासतौर पर उन मरीजों के लिए किया गया, जो चंडीगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं और उपचार के दौरान अपना घर चंडीगढ़ में रह रहे हैं।
इंटास फाउंडेशन एक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल है, जो कैंसर, हीमोफीलिया और ब्लड बैंक जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। चंडीगढ़ में संचालित ‘अपना घर’ केंद्र के माध्यम से कैंसर मरीजों और उनके केयर टेकरों को निःशुल्क आवास, भोजन और अस्पताल तक आने-जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही मानसिक और भावनात्मक संबल के लिए काउंसलिंग और विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया जाता है।
इंटास फाउंडेशन चंडीगढ़ के संचालक दीपक किरार ने बताया कि ‘अपना घर’ में ठहरने वाले मरीज पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, झारखंड और हरियाणा सहित कई राज्यों से इलाज के लिए चंडीगढ़ आते हैं। फाउंडेशन का प्रयास है कि इलाज के दौरान मरीजों को घर जैसा माहौल मिले और वे अकेलापन महसूस न करें।
मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
केंद्र में कार्यरत काउंसलर भव्या बजाज नियमित रूप से मरीजों और उनके केयर टेकरों को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श देती हैं, ताकि वे इलाज से जुड़ी मानसिक चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकें।
अपना घर चंडीगढ़ में आयोजित यह लोहड़ी सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि कैंसर से लड़ रहे मरीजों के लिए उम्मीद, अपनापन और मानवीय संवेदना का संदेश बनकर सामने आई।