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पनबस-PRTC यूनियन का आंदोलन तेज
जगरांव (चरणजीत सिंह चन्न) : पंजाब रोडवेज पनसप पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (25/11) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज जगरांव बस स्टैंड पर आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य संयुक्त सचिव जलौर सिंह और डिपो सचिव हरमिंदर सिंह सिद्धू ने की। बैठक की शुरुआत डिपो अध्यक्ष सोहन सिंह के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। ​प्रमुख मांगें: पक्का करने से लेकर समान वेतन तक ​यूनियन ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें दोहराई हैं, जिनमें शामिल हैं: ​नियमितीकरण: कच्चे कर्मचारियों को सर्विस नियमों के तहत विभाग में पक्का करना। ​ठेकेदारी प्रथा का अंत: ठेकेदारों को बाहर कर कर्मचारियों को सीधे विभाग के अधीन लेना। ​निजीकरण का विरोध: प्राइवेट किलोमीटर स्कीम बसों का कड़ा विरोध और इस दौरान वर्करों पर दर्ज 'नाजायज' मामले रद्द कर उनकी बहाली करना। ​बेरोजगारी का समाधान: बढ़ती आबादी के अनुसार सरकारी बसों की संख्या बढ़ाकर 10,000 करना। ​न्यायालय का आदेश: माननीय हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 'समान काम, समान वेतन' लागू करना। ​सुविधाएं: डिपो में स्पेयर पार्ट्स की कमी दूर करना और रिपोर्ट वाले साथियों को ड्यूटी पर वापस लेना। ​आंदोलन की रूपरेखा: 15 मई की बैठक पर टिकी निगाहें ​यूनियन नेताओं ने बताया कि इन मांगों के समाधान के लिए 15 मई को परिवहन मंत्री और वित्त मंत्री हरपाल चीमा के साथ एक पैनल मीटिंग तय की गई है। ​"यदि इस मीटिंग में मांगों का कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो संगठन चुप नहीं बैठेगा। हमने संघर्ष का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है।" - यूनियन नेतृत्व ​संघर्ष का शेड्यूल: ​15 मई: मंत्रियों के साथ निर्णायक पैनल मीटिंग। ​गेट रैलियां: समाधान न होने पर गेट रैलियों के जरिए रोष प्रदर्शन। ​18 मई: राज्य भर में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल। ​27 से 29 मई: यदि फिर भी मांगें अनसुनी रहीं, तो 3 दिनों के लिए पंजाब भर में पनबस और PRTC की बसों का पूर्ण 'चक्का जाम' किया जाएगा। ​यूनियन ने स्पष्ट किया कि यदि चक्का जाम की स्थिति पैदा होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और विभाग के प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर जसपाल सिंह (चेयरमैन), दविंदर सिंह भीम, मोहम्मद रफी, राज खान (वर्कशॉप अध्यक्ष), सतनाम सिंह, जज सिंह, प्रदीप, जगदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।