Chandigarh 11 Jan : पंजाब में वर्ष 2025 के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान में स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, वन विभाग, लोक निर्माण और नगर निगमों से जुड़े कई अधिकारी कानून के शिकंजे में आए हैं। इस व्यापक कार्रवाई ने प्रशासनिक तंत्र में फैले भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है और साफ संदेश दिया है कि अब किसी भी स्तर पर अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कड़ी में सिविल अस्पताल सुनाम से जुड़े डॉ. अमित सिंगला का नाम सामने आया है, जिनके खिलाफ गंभीर आरोपों के तहत जांच और कार्रवाई की गई। इसके अलावा फाजिल्का, एसएएस नगर, अमृतसर और कपूरथला में तैनात रहे बीडीपीओ परमजीत सिंह, धनवंत सिंह, कुलवंत सिंह, लखबीर सिंह और हरदयाल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया या उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
वन विभाग और इंजीनियरिंग विंग भी जांच के दायरे में आए हैं। होशियारपुर में तैनात वन रेंज अधिकारी अमरजीत सिंह तथा कार्यकारी अभियंता नरिंदरपाल सिंह पर पद का दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
नगर निगमों में भ्रष्टाचार की परतें भी खुली हैं। जालंधर, पटियाला, बठिंडा, फगवाड़ा और गुरदासपुर नगर निगमों में तैनात सहायक टाउन प्लानर और एटीपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई की गई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषी चाहे किसी भी पद पर हो, उसे कानून के तहत सख्त सजा दिलाई जाएगी।