33 विदेशी तस्कर पकड़े गए, करोड़ों की संपत्ति जब्त; फास्ट ट्रैक अदालतों से तेज न्याय
चंडीगढ़, 10 जनवरी:
नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान में हरियाणा ने वर्ष 2025 में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत राज्य में रिकॉर्ड 3,738 एफआईआर दर्ज की गईं और 6,801 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 33 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। यह जानकारी गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने साझा की।
उन्होंने बताया कि 2020 से 2025 के बीच राज्य में कुल 20,519 एनडीपीएस मामले दर्ज हुए और 35,207 गिरफ्तारियां की गईं। अकेले 2025 में 457 वाणिज्यिक (कमर्शियल) एनडीपीएस मामले दर्ज कर 1,227 आरोपियों को पकड़ा गया—जो पिछले छह वर्षों में सर्वाधिक है।
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश (169), पंजाब (147), राजस्थान (64) और दिल्ली (45) सहित कई राज्यों के तस्कर शामिल हैं। विदेशियों में 26 नाइजीरियाई, 6 नेपाली और 1 सेनेगल के नागरिक की गिरफ्तारी हुई, जो अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार का संकेत है।
बरामदगी के मोर्चे पर भी राज्य ने बड़ी सफलता हासिल की। बीते छह वर्षों में 55,701 किग्रा गांजा, 89,696 किग्रा पोस्त भूसा, 1,300 किग्रा चरस और 229 किग्रा हेरोइन जब्त की गई। 2025 में 55.84 किग्रा हेरोइन की बरामदगी उल्लेखनीय रही। इसके अलावा अफीम, कोकीन और उभरते सिंथेटिक ड्रग्स (एमडी/एमडीएमए) भी बड़ी मात्रा में जब्त किए गए। फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की अवैध सप्लाई पर भी कड़ा प्रहार करते हुए 2025 में 6.59 लाख से अधिक यूनिट बरामद की गईं।
आर्थिक कार्रवाई के तहत 2007–2025 के बीच 370 तस्करों की 67.01 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच/कुर्क की गईं; 2025 में ही 13.59 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। त्वरित न्याय के लिए राज्य में 8 एनडीपीएस फास्ट ट्रैक/विशेष अदालतें कार्यरत हैं, जबकि चार और अदालतें प्रस्तावित हैं।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि निवारक कानूनों के तहत 2022–2025 में 147 कुख्यात तस्करों को हिरासत में लिया गया। साथ ही रोकथाम को मजबूत करने के लिए 18,540 नशा-विरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 28.46 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए।
उन्होंने कहा कि प्रवर्तन, आर्थिक कार्रवाई और जन-जागरूकता—इन तीनों स्तंभों पर आधारित रणनीति से हरियाणा नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है।