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पंजाब के जल संसाधन, खनन एवं भू-विज्ञान तथा भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल द्वारा मानसून से पहले राज्य में बाढ़ रोकथाम कार्यों को पूरा कराने के मद्देनज़र राज्य का दौरा किया जा रहा है। इसी क्रम में आज लगातार तीसरे दिन मंत्री ने जिला शहीद भगत सिंह नगर में बहने वाली सतलुज दरिया के किनारे चल रहे मजबूतीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। जिला शहीद भगत सिंह नगर के गांव बुर्ज टहल दास में बाढ़ रोकथाम कार्यों का जायजा लेने के बाद उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा बाढ़ रोकथाम कार्यों पर 600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और 30 जून से पहले सभी प्रबंध पूरे कर लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल पिछले तीन दिनों से विभिन्न ज़िलों का दौरा कर रहे हैं। अमृतसर और जालंधर के बाद आज उन्होंने शहीद भगत सिंह नगर में बाढ़ प्रबंधों का निरीक्षण किया। श्री गोयल ने कहा कि यह पहली बार है कि राज्य सरकार द्वारा बाढ़ रोकथाम के लिए इतनी बड़ी राशि नदियों के बांधों को मजबूत करने पर खर्च की जा रही है। इससे पहले की सरकारें केवल औपचारिकता निभाती थीं, जिसका खामियाजा राज्य के लोगों को भुगतना पड़ता था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी मानसून से पहले सभी बाढ़ रोकथाम कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद विभाग के दो सुपरिंटेंडिंग इंजीनियरों की अगुवाई में गठित विशेष समिति द्वारा पंजाब की नदियों में कुल 132 संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई है और सभी स्थानों को युद्ध स्तर पर मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्यवासियों को बाढ़ से बचाने के लिए फंड की कोई कमी नहीं है और सरकार लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से निर्देश दिए कि कार्य समय पर पूरे किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। *(बॉक्स)* *गांव ढक्क मजारा और मंडी में पाइपों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने के कार्य का भी लिया जायज़ा* *अपरा सेक्शन से 20,000 एकड़ भूमि को मिलेगा पानी* कैबिनेट मंत्री ने हल्का बंगा के गांव ढक्क मजारा और मंडी में पाइपलाइन के जरिए खेतों को पानी देने के कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मान सरकार द्वारा 1030 एकड़ भूमि को पाइपलाइन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि पहले केवल 33 एकड़ को ही पानी मिलता था। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नहरों के पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर सूखे से बचाव के लिए औड़ हेडवर्क्स पर गंभीर प्रयास किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नया शहर ब्रांच पर स्थित औड़ हेड पर वर्ष 2023 में गेट गियरिंग सिस्टम स्थापित किया गया था, जिसके बाद अपरा रजवाहा, लसाड़ा रजवाहा और बखलौर डिच को आवश्यकता अनुसार पूरा पानी मिलने लगा। अब बखलौर डिच के टेल एंड पर पानी के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए टेल फ्रंट और टेल लेफ्ट के खेतों में कुल 16,829 फुट पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इससे सिंचाई क्षेत्र 33 एकड़ से बढ़कर 1,030 एकड़ तक हो जाएगा।इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से तहसील फिलौर के गांव मंडी और ढक मजारा को नहरी पानी सुचरु सप्लाई मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के चलते अब इस हेड वर्क्स से कहीं भी पानी से नुकसान नहीं होता और न ही सूखे की स्थिति बनती है। उन्होंने यह भी बताया कि अपरा सेक्शन से पहले 7,000 एकड़ भूमि को पानी मिलता था, जो अब बढ़कर 20,000 एकड़ हो गया है।