लुधियाना 07 Jan : मशहूर और पॉश इलाकों में गिनी जाने वाली मल्हार रोड इन दिनों एक नई पहचान के साथ चर्चा में है। अब लोग इसे ‘हुक्का बार रोड’ के नाम से पहचानने लगे हैं। वजह है इस रोड पर तेजी से खुल रही हुक्का सप्लाई से जुड़ी दुकानें, जो न केवल खुलेआम हुक्का बेच रही हैं, बल्कि ऑनलाइन बुकिंग, घर तक डिलीवरी और पार्टियों में स्टॉल लगाने की सुविधा भी दे रही हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मल्हार रोड पर करीब छह से अधिक दुकानें केवल “चौरसिया पान भंडार” के नाम से संचालित हो रही हैं। इन दुकानों के फेसबुक पेज और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हुक्का ऑनलाइन बुकिंग और पार्टी स्टॉल लगाने का खुला प्रचार किया जा रहा है। यह प्रचार न केवल युवाओं को आकर्षित कर रहा है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
जब इस पूरे मामले को लेकर राम जी चौरसिया से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बेझिझक हुक्का सप्लाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ₹1500 में हुक्का स्टॉल लगाया जाता है। यदि किसी ग्राहक के पास जगह नहीं है, तो वे रेस्टोरेंट का इंतजाम भी खुद करवा देते हैं। वहीं, अगर कोई व्यक्ति अपने घर पर हुक्का लगवाना चाहता है, तो इसके लिए ₹2500 चार्ज लिया जाता है। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस समय हुक्का की मांग तेजी से बढ़ रही है।
गौरतलब है कि लुधियाना पुलिस प्रशासन द्वारा हुक्का पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद मल्हार रोड के हुक्का व्यापारी न केवल शहर के अलग-अलग रेस्टोरेंट्स, बल्कि निजी पार्टियों और कार्यक्रमों में भी हुक्का सप्लाई कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कई जगहों पर आधी रात से सुबह तक हुक्का स्टॉल लगे रहते हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार से न केवल युवाओं का भविष्य खतरे में है, बल्कि इलाके की शांति और सामाजिक माहौल भी खराब हो रहा है। लोगों का सवाल है कि जब सोशल मीडिया पर खुलेआम हुक्का सप्लाई का प्रचार हो रहा है, तो पुलिस प्रशासन की नजर इन गतिविधियों पर क्यों नहीं पड़ रही।
अब देखने वाली बात यह होगी कि लुधियाना पुलिस और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब संज्ञान लेते हैं और मल्हार रोड को हुक्का बार रोड बनने से बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।