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पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) ने अपना विजन डॉक्यूमेंट जारी करते हुए पंथक मुद्दों पर सख्त रुख और संगठन में बड़े बदलावों का संकेत दिया है। पार्टी प्रधान ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में दस्तावेज जारी करते हुए खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के संगठन के साथ संभावित समझौते की पुष्टि भी की। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने साफ किया कि चाहे गठबंधन किसी से भी हो, पार्टी का विजन और सिद्धांत नहीं बदलेंगे। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब प्रस्ताव को पार्टी की नीति का आधार बताते हुए कहा कि पंथक मर्यादा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। विजन डॉक्यूमेंट में युवाओं और महिलाओं को बड़ी हिस्सेदारी देने की घोषणा की गई है। पार्टी ने 40% टिकट युवाओं और 35% महिलाओं को देने का ऐलान किया है, ताकि संगठन को नया स्वरूप दिया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पार्टी के उम्मीदवार “साबत सूरत” सिख होंगे। पार्टी ने राज्य की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और युवाओं के भटकाव को प्रमुख मुद्दा बताया। सोशल मीडिया के जरिए फैल रही गलत सूचनाओं पर भी चिंता जताई गई। इस मौके पर वरिष्ठ नेता इकबाल सिंह झुंदा ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब प्रस्ताव पार्टी का रोल मॉडल रहेगा और पंजाब से जुड़े मुद्दों को संघर्ष और सत्ता—दोनों स्तरों पर उठाया जाएगा। उन्होंने राज्यसभा में सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व देने की मांग भी दोहराई। भाजपा के साथ संभावित गठबंधन पर पार्टी ने संकेत दिए कि जो भी दल पंजाब और सिखों के हितों को स्वीकार करेगा, उसके साथ समझौते पर विचार किया जा सकता है।