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भीषण गर्मी के बीच पंजाब के लोगों को आने वाले दिनों में बिजली संकट और लंबे पावर कटों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है और कई इलाकों में लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। इस संबंध में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा और पटियाला जैसे प्रमुख जिलों में 21 अप्रैल से 28 अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से बिजली कट लगाए जाएंगे। विभाग के अनुसार कुछ जिलों में ये कट तीन दिन तक रह सकते हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह अवधि पांच से छह दिनों तक भी बढ़ सकती है, जिसके चलते लोगों को दिन और रात दोनों समय बिजली आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ेगा। PSPCL ने इन कटों का कारण बिजली वितरण प्रणाली के सुधार, मेंटेनेंस और तकनीकी अपग्रेड को बताया है और कहा है कि यह कदम भविष्य में अधिक स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। विभाग के मुताबिक पंजाब में वर्तमान समय में बिजली की मांग लगभग 6000 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जबकि राज्य का उत्पादन केवल करीब 3300 मेगावाट ही है, ऐसे में करीब 2700 मेगावाट की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र से बिजली ली जा रही है, जिससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। इसी बीच राज्य सरकार की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया सामने आई है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा है कि PSPCL द्वारा जारी किए गए यह योजनाबद्ध बिजली बंद कार्यक्रम सिस्टम को अपग्रेड करने और सप्लाई को अधिक मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि इससे लोगों को अस्थायी असुविधा होगी, लेकिन यह कार्य लंबे समय में राज्य की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य में बड़े संकट से बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।