चंडीगढ़, 5 जनवरी :
पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को आय से अधिक संपत्ति मामले में सोमवार को चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत से डिफॉल्ट ज़मानत मिल गई, लेकिन उन्हें फिलहाल जेल से राहत नहीं मिली है।
अदालत ने यह ज़मानत इसलिए मंजूर की क्योंकि सीबीआई तय 60 दिनों की वैधानिक अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने में विफल रही, जिससे कानूनन आरोपी को डिफॉल्ट बेल का अधिकार बनता है।
हालांकि, भुल्लर रिश्वत और भ्रष्टाचार के मुख्य मामले में अभी भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे, क्योंकि उस केस में उनकी ज़मानत याचिका को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है।
सीबीआई के अनुसार, भुल्लर और उनके कथित सहयोगी कृषाणु शारदा को 16 अक्टूबर 2025 को मंडी गोबिंदगढ़ के एक कबाड़ी से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 29 अक्टूबर को भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान सीबीआई ने भुल्लर के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी के आभूषण, महंगी ब्रांडेड घड़ियां और कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद करने का दावा किया है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि डिफॉल्ट ज़मानत केवल प्रक्रियात्मक आधार पर दी गई है और इससे आरोपी को मामले के गुण-दोष के आधार पर कोई राहत नहीं मिलती।