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नई दिल्ली/लखनऊ 06 Jan । भारतीय विमानन क्षेत्र में एक नया नाम जुड़ने जा रहा है। शंख एयर (Shankh Air) नामक नई घरेलू एयरलाइन को केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल चुका है। एयरलाइन की योजना 2026 की पहली तिमाही में उड़ानें शुरू करने की है। शंख एयर की सबसे बड़ी खासियत इसकी संस्थापक की असाधारण कहानी है। उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी श्रवण कुमार विश्वकर्मा, जिन्होंने कभी टेम्पो और ऑटो चलाकर रोज़ी-रोटी कमाई, आज भारत की नई एयरलाइन के चेयरमैन हैं। उनकी यह यात्रा भारतीय उद्यमिता के नए चेहरे के रूप में देखी जा रही है। शुरुआती योजना और रणनीति सूत्रों के अनुसार, शंख एयर शुरुआत में एयरबस A320 श्रेणी के तीन विमानों के साथ घरेलू उड़ानों की शुरुआत करेगी। एयरलाइन का मुख्य फोकस उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) रहेगा। संभावित शुरुआती रूट्स में लखनऊ–दिल्ली, लखनऊ–मुंबई जैसे व्यस्त सेक्टर शामिल हो सकते हैं। एयरलाइन का मुख्यालय नोएडा में प्रस्तावित है, जबकि लखनऊ को प्रमुख ऑपरेशनल हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। किफायती उड़ानों पर ज़ोर शंख एयर खुद को मिडिल क्लास और पहली बार हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक किफायती और भरोसेमंद विकल्प के तौर पर स्थापित करना चाहती है। कंपनी का दावा है कि बेहतर सेवा और प्रतिस्पर्धी किराए इसकी पहचान होंगे। विस्तार की महत्वाकांक्षा कंपनी प्रबंधन के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में शंख एयर का लक्ष्य 20–25 विमानों का बेड़ा तैयार करने का है। साथ ही, 2028–29 तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाओं पर भी काम किया जा रहा है। भारतीय विमानन में नया अध्याय शंख एयर उन चुनिंदा नई एयरलाइनों में शामिल है जिन्हें हाल के महीनों में सरकार से परिचालन की मंज़ूरी मिली है। ऐसे समय में जब भारतीय विमानन बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है और यात्री संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है, शंख एयर की एंट्री को प्रतिस्पर्धा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि DGCA से अंतिम ऑपरेशनल मंज़ूरी, विमान लीज़िंग और लागत प्रबंधन जैसी चुनौतियाँ किसी भी नई एयरलाइन के लिए निर्णायक होती हैं। ऐसे में शंख एयर की वास्तविक उड़ान और विस्तार पर पूरे उद्योग की नज़र बनी रहेगी। संक्षेप में, शंख एयर केवल एक नई एयरलाइन नहीं, बल्कि भारतीय उद्यमिता की उस कहानी का प्रतीक है, जिसमें सीमित संसाधनों से शुरू होकर बड़े सपने पूरे किए जाते हैं — और अब वही सपना भारतीय आसमान में उड़ान भरने को तैयार है।