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पठानकोट/यूटर्न/12 अप्रैल। पठानकोट और सीमावर्ती इलाकों में बीती रात किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। शनिवार रात करीब 8 बजे आई तेज आंधी और उसके बाद हुई बारिश ने जहां जनता को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों के लिए यह 'आफत की बारिश' बनकर बरसी है। बेमौसमी बारिश से खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की कटाई पिछड़ गई है, जिससे किसान बेहद चिंतित हैं। वहीं, मौसम विभाग ने 24 घंटों के दौरान आसमान साफ रहने की संभावना जताई है। बीती रात हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई इलाकों में पकी हुई गेहूं की फसल खेतों में ही बिछ गई है। किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह पक चुकी थी और अगले एक-दो दिनों में कटाई का काम जोरों पर शुरू होने वाला था। लेकिन बारिश और आंधी ने न केवल फसल को गिरा दिया है, बल्कि दानों के काले पड़ने और उनमें नमी आने का खतरा भी पैदा कर दिया है। कंबाइन ऑपरेटरों की बढ़ी मुश्किल बारिश के चलते खेतों में काफी गीलापन और कीचड़ हो गया है, जिसके कारण कटाई के लिए आने वाली कंबाइन मशीनें अब खेतों में नहीं जा पा रही हैं। किसानों का मानना है कि अब खेतों को सूखने में कम से कम 3 से 4 दिन का समय लगेगा, जिससे कटाई का सीजन काफी पिछड़ जाएगा। अगर आने वाले दिनों में फिर से बारिश होती है, तो नुकसान का ग्राफ और बढ़ सकता है। पकी-पकाई फसल पर फिरा पानी पठानकोट के किसान हरदेव सिंह और अवतार सिंह ने बताया कि उन्होंने खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी। अब जब फल मिलने का समय आया, तो कुदरत ने कहर बरपा दिया। नमी बढ़ने के कारण मंडियों में फसल की खरीद में भी समस्या आ सकती है, क्योंकि सरकारी मापदंडों के अनुसार एक निश्चित नमी (Moisture) पर ही फसल खरीदी जाती है। ---