दो दिन से समस्या बरकरार, ट्रैफिक प्रभावित; बीमारियों का बढ़ा खतरा
मेजर अली
जीरकपुर 08 Apr : पटियाला-जीरकपुर हाईवे की सर्विस रोड पर रेडिसन होटल के पास सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। पिछले दो दिनों से लगातार सीवरेज का दूषित पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मार्ग शहर के व्यस्ततम रास्तों में से एक है, जहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। लेकिन सड़क पर फैले गंदे पानी के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा साबित हो रहा है। फिसलन के चलते दुर्घटना का खतरा बना हुआ है और कई वाहन चालक धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हैं, जिससे जाम जैसी स्थिति भी बन रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है। उनका आरोप है कि सीवरेज पाइपलाइन पर अत्यधिक दबाव होने के कारण मैनहोल के ढक्कनों से गंदा पानी बाहर निकल रहा है। इसके चलते आसपास बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है।
इस समस्या का सबसे ज्यादा असर आसपास के दुकानदारों और राहगीरों पर पड़ रहा है। दुकानों के सामने गंदा पानी जमा होने से ग्राहक भी आने से कतरा रहे हैं। वहीं, पैदल चलने वालों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क पर जमा दूषित पानी केवल यातायात के लिए ही खतरा नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इस कारण डेंगू, मलेरिया, टायफाइड और त्वचा संक्रमण जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक साबित हो सकती है।
हालांकि, लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इस समस्या की शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। केवल अस्थायी तौर पर सफाई कर दी जाती है, जिससे समस्या कुछ समय के लिए तो कम हो जाती है, लेकिन फिर दोबारा वही हालात बन जाते हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
लोगों के कोट्स:
“दो दिन से सड़क पर गंदा पानी बह रहा है। बदबू के कारण यहां खड़ा होना मुश्किल हो गया है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
— रमेश शर्मा, स्थानीय निवासी
कोट्स
“दोपहिया वाहन चलाना बहुत मुश्किल हो गया है। कई बार फिसलने की नौबत आ चुकी है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो हादसे हो सकते हैं।”
— अमित गुप्ता, , राहगीर
कोट्स
“हमारी दुकानों के सामने गंदा पानी जमा है, जिससे ग्राहक आना बंद हो गए हैं। हमें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।”
— संजय शर्मा दुकानदार