डेराबस्सी 04 Jan :
कस्बा मुबारकपुर के वार्ड नंबर 3 और 4 के निवासी इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। इलाके में सीवरेज के कई मैनहोलों के ढक्कन टूटे हुए हैं या पूरी तरह गायब हैं, जिससे हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों का कहना है कि वे नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वार्ड की मुख्य गलियों में कई मैनहोल खुले पड़े हैं। दिन के समय तो लोग किसी तरह संभल जाते हैं, लेकिन रात के अंधेरे में ये खुले मैनहोल मौत का कुआं साबित हो रहे हैं। खासकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए इन गलियों से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। कई बार दोपहिया वाहन चालक इन खुले मैनहोलों में गिरकर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इलाके के लोगों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर भारी रोष है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। लोगों का आरोप है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से टैक्स अदा करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। खुले मैनहोल उनके बच्चों की जान के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं।
खुले मैनहोलों के कारण सिर्फ हादसों का खतरा ही नहीं, बल्कि गंदगी और बदबू ने भी लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सीवरेज का गंदा पानी गलियों में ओवरफ्लो हो रहा है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैली हुई है। इसके चलते बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
मुबारकपुर के वार्ड नंबर 3 और 4 के निवासियों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि खुले मैनहोलों को तुरंत ढकवाया जाए और सीवरेज व्यवस्था की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।