पंजाब /यूटर्न/2अप्रैल। पंजाब के वकीलों का एक शिष्टमंडल पंजाब एवं हरियाणा के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू जी से मिला। प्रतिनिधिमण्डल में बार एसोसिएशन मोगा के प्रधान एस.एस. सिद्धू, लुधियाना से प्रधान विपन सागर, फतेहगढ़ साहिब से बार प्रधान गगनदीप सिंह विर्क, सुनाम से करुणवीर वशिष्ट एवं फगवाड़ा बार एसोसिएशन के उप-प्रधान रोहित शर्मा शामिल थे। उन्होंने चीफ जस्टिस शील नागू के समक्ष वकीलों और कानूनी पेशे में आने वाली समस्याएं उठाई और विशेष रूप से कोर्ट में लंबित मामलो में एक्शन प्लान की त्रुटिपूर्ण नीतियों की बात कही। वकीलों ने बताया कि जो नियमावली बनाई गई है वो निचले स्तर की अदालतों के नयायधीशों पर दबाव डालने वाली हैं। जिसके फलस्वरूप निचले स्तर की अदालतों के न्यायधीशों पर उचित न्याय और न्याय संगत निर्णय के अनुरूप जजमेंट देने की बजाय फाइल को डिस्पोज आफ करने की तरफ ध्यान केंद्रित हो जाता है। कई बार मैटर को डिसाईड करते समय एक्शन प्लान के चलते यूनिट पूरे करने के टारगेट में कहीं ना कहीं जजमेंट जल्दबाजी में ड्राफ्ट कर दी जाती है जो कि प्रोसीजरल कोड के अनुरूप नहीं होती जो चिंता का विषय है। जानकारी देते हुए फगवाड़ा बार एसोसिएशन के उप प्रधान एडवोकेट रोहित शर्मा ने बताया कि चीफ जस्टिस शील नागू ने इन त्रुटियों के प्रति सहमति जताई और आगामी 15 से 20 दिनों में एक्शन प्लान नीति और लीगल एड डिफेंन्स काउंसिल नीति में सुधार लाते हुए न्याय प्रणाली में नई एक्शन प्लान नीति और नई लीगल एड डिफेन्स काउंसिल नीति लाने के लिए आश्वस्त किया। शिष्टमंडल में एडवोकेट राजीव मित्तल, परमिंदर सिंह संधू, गुरप्रीत चहल, अंकित गुप्ता, वरदान गर्ग, हिमांशु वालिया, गुरदास सिंह आदि भी उपस्थित थे ।