चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कृष्ण लाल और पूर्व मेयर कमलेश बनारसीदास ने बुधवार को पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से सचिवालय में मुलाकात कर शहर की कानून-व्यवस्था और वेंडरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बापूधाम और राम दरबार क्षेत्रों में पुलिस की कथित मिलीभगत से खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन इलाकों में अपराध बढ़ते जा रहे हैं, आए दिन झगड़े और चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल है।
कांग्रेस नेताओं ने वेंडरों की समस्याओं को भी विस्तार से रखा। उनका कहना था कि जिन वेंडरों का सर्वे कर उन्हें वैध रूप से लाइसेंस दिया गया है, उन्हें ऐसे वेंडर ज़ोन आवंटित किए गए हैं जो उनके मूल कार्यस्थल से काफी दूर हैं। इन स्थानों पर ग्राहकों की कमी के चलते उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है और कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बुजुर्ग वेंडर दूरी के कारण निर्धारित वेंडर ज़ोन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। साथ ही वहां रात्रि ठहराव की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। नेताओं ने मांग की कि वेंडर ज़ोन वहीं बनाए जाएं, जहां उनका मूल सर्वे हुआ था।
सेक्टर-26 स्थित ग्रेन मार्केट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि कई वेंडर वर्षों से लाइसेंस शुल्क जमा कर रहे हैं और उनका सर्वे भी वहीं हुआ था, बावजूद इसके उन्हें वहां बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही।
मुलाकात के दौरान बापूधाम और राम दरबार में समाधान शिविर लगाने की मांग भी रखी गई, जिस पर प्रशासक ने इन क्षेत्रों में जल्द शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।