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जीरकपुर/यूटर्न/1 अप्रैल। नाभा-पभात रोड पर स्थित दर्जनों सोसायटियों के निवासियों ने सड़क की खराब हालत को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नगर परिषद प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि वर्षों से सड़क की हालत खराब है, लेकिन सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रदर्शन में शामिल राजीव कक्कड़, रवि प्रसाद श्रीवास्तव, अनिल काद्यान्न, अजय यादव, ललित भारद्वाज, संदीप सलवान, तिलक राज शर्मा, सुभाष रंदे, संजय भारद्वाज, योगेश्वर शर्मा, अश्विनी गौर, राजेश गुप्ता, राजीव शर्मा, राजीव श्रीवास्तव, शेखर, शबनम, नेहा, सुनीता, राधिका, मंजरी, भावना गुप्ता, श्वेता और रघुवीर कोठारी सहित अन्य लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया। लोगों ने बताया कि सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे पड़े हैं, जिससे रोजाना आवागमन करना मुश्किल हो गया है। इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही भी लगातार जारी रहती है, जिससे सड़क की स्थिति और खराब होती जा रही है और हादसों का खतरा बना रहता है। महिलाओं ने कहा कि बच्चों के साथ इस सड़क से गुजरना बेहद जोखिम भरा हो गया है और कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। निवासियों ने प्रशासन से सवाल किया कि जब नगर परिषद हर साल लाखों रुपये टैक्स के रूप में वसूलती है, तो फिर बुनियादी सुविधाओं का इतना बुरा हाल क्यों है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। कोटस “पिछले कई सालों से इस सड़क की हालत बेहद खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं, जिससे रोजाना निकलना मुश्किल हो गया है और हादसों का डर बना रहता है।” राजीव कक्कड़ कोटस “भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क और ज्यादा टूटती जा रही है। प्रशासन को कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।” रवि प्रसाद श्रीवास्तव कोटस “बच्चों के साथ इस सड़क पर चलना भी खतरे से खाली नहीं है। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, फिर भी कोई सुधार नहीं हुआ।” शबनम कोटस “इस सड़क को बनाने का टेंडर पहले से ही पास हुआ है और अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में काम शुरू करवाकर इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।” —