पंजाब/यूटर्न/31 मार्च।ऑल इंडिया सैणी यूथ फेडरेशन, सैणी भवन संघर्ष कमेटी और समूचे सैणी समाज डेराबस्सी के प्रतिनिधिमंडल ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान Sukhbir Singh Badal से मुलाकात कर सैणी भवन से नगर काउंसिल का दफ्तर हटाने की मांग उठाई। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए भवन पर किए गए कथित अवैध कब्जे को तुरंत खाली करवाने की अपील की।
प्रतिनिधिमंडल के नेताओं ने बताया कि वर्ष 1998 में गांव माधोपुर के किसानों द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों के सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों के लिए सैणी भवन का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि दिसंबर 2021 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान मरम्मत का बहाना बनाकर नगर काउंसिल का दफ्तर यहां शिफ्ट कर दिया गया, जिससे सैणी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची।
गरीब वर्ग को हो रही परेशानी
सैणी समाज के प्रतिनिधियों हरिंद सिंह हनी ने कहा कि पहले इस भवन में
गरीब परिवार अपने बच्चों के विवाह, भोग व अन्य कार्यक्रम करते थे, लेकिन अब नगर काउंसिल का दफ्तर बनने से हजारों लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि डेराबस्सी क्षेत्र के करीब एक लाख सैणी समाज के लोगों की भावनाएं इस भवन से जुड़ी हुई हैं।
मुलाकात के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने सैणी समाज की मांगों को गंभीरता से सुना। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि पंजाब में अगली सरकार बनने पर इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और सैणी भवन को समाज सेवा के लिए दोबारा बहाल किया जाएगा।
संघर्ष जारी रखने का ऐलान
सैणी भवन संघर्ष कमेटी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सैणी भवन का अधिकार वापस नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर सैणी समाज के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।