चंडीगढ/यूटर्न/30 मार्च।मोहाली के जीरकपुर स्थित सुषमा बिल्डर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर पंजाब के कांग्रेस नेता सुखराज नत्त के बेटे दविंदर नत्त की आत्महत्या मामले में बिल्डर का नाम सामने आने से जांच का दायरा बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर उनकी बनाई सोसायटियों में रहने वाले लोग भी अब खुलकर विरोध में उतर आए हैं। रविवार को सुषमा ग्रांडे नेक्स्ट सोसायटी के निवासियों ने गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और वादाखिलाफी के आरोप लगाए।
निवासियों का आरोप है कि फ्लैट खरीदते समय उनसे पूरी कीमत के साथ दो साल का मेंटेनेंस चार्ज भी लिया गया, लेकिन इसके बावजूद बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई गईं। करीब 100 परिवारों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर फ्लैट खरीदे, लेकिन आज वे लिफ्ट, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसी मूल सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। सोसायटी में लिफ्ट बंद पड़ी हैं, पार्कों में झाड़ियां उगी हुई हैं और सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि बिल्डर ने मेंटेनेंस के नाम पर प्रति फ्लैट करीब 1.20 लाख रुपये वसूले, लेकिन सुविधाएं देने की जिम्मेदारी नहीं निभाई। सुरक्षा के लिहाज से भी हालात चिंताजनक हैं न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात है। इसके अलावा फायर एनओसी का अभाव भी बड़ा खतरा बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि 2017 से लगातार शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई और बिल्डर का रवैया पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। इस पूरे मामले ने न केवल बिल्डर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में खरीदारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।