चंडीगढ़/यूटर्न/28 मार्च।पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े चर्चित भ्रष्टाचार मामले में अब जांच और गहराती नजर आ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को इस केस में नए और अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर कई अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
सीबीआई ने इस मामले में अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज कर ली है और जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसी ने शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर मोबाइल फोन, अहम दस्तावेज और नकदी जब्त करने की अनुमति भी मांगी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले साल दर्ज भ्रष्टाचार केस से ही जुड़ी हुई है। अब तक की जांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक रिपोर्ट, व्हाट्सएप चैट, पूछताछ और दस्तावेजों से कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के सबूत सामने आए हैं। सीबीआई का दावा है कि आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर निजी लोगों को अवैध लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत लेते थे।
8 लाख की रिश्वत से खुला मामला
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब 16 अक्टूबर को सीबीआई ने बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था। वह मंडी गोबिंदगढ़ के एक कारोबारी से डीआईजी भुल्लर के नाम पर 8 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। जांच आगे बढ़ने पर भुल्लर की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
घर से करोड़ों की बरामदगी
सीबीआई की तलाशी के दौरान सेक्टर-40 स्थित भुल्लर के आवास से करीब 7.5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 2.5 किलो सोना बरामद हुआ था। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया गया।
सीबीआई अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।