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पैदल मार्च कर डेराबस्सी पहुंचा संयुक्त किसान मोर्चा, बस स्टैंड पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी - Uturn Time
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लालड़ू 03 Jan : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तहसील डेराबस्सी की विभिन्न किसान संगठनों ने नए साल की शुरुआत संघर्ष के साथ करते हुए कड़ाके की ठंड में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। किसानों ने पैदल मार्च करते हुए डेराबस्सी बस स्टैंड तक मार्च निकाला, जहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। यह मार्च केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल 2025, नया बीज बिल, कृषि उत्पादों पर कर मुक्त व्यापार समझौते, मजदूर विरोधी चार लेबर कोड, मनरेगा कानून को कमजोर किए जाने और सरकारी विभागों के निजीकरण के विरोध में किया गया। मार्च के दौरान जगह-जगह आम लोगों को इन नीतियों के लागू होने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। किसान नेताओं ने बताया कि बिजली संशोधन बिल लागू होने से स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जिससे गरीब परिवारों के घरों में अंधेरा छा सकता है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन की तरह पहले पैसे डालकर बिजली इस्तेमाल करनी पड़ेगी और बैलेंस खत्म होते ही बिजली कट जाएगी। इससे बिजली आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी। साथ ही खेती के लिए मिलने वाली मुफ्त बिजली सुविधा भी समाप्त हो सकती है, क्योंकि सरकार बिजली विभाग और उसकी संपत्तियां अपने कॉरपोरेट मित्रों को सौंपने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नए बिजली बिल से अमीर और झुग्गी में रहने वाले व्यक्ति के लिए बिजली की दर समान हो जाएगी, जो कि बिजली अधिनियम 1948 का उल्लंघन है। नए बीज बिल को लेकर वक्ताओं ने कहा कि इससे खेती पूरी तरह मल्टीनेशनल कंपनियों के हाथों में चली जाएगी। किसान अपने बीज बोने का अधिकार खो देगा और नुकसान होने की स्थिति में कंपनियां किसी प्रकार की मदद नहीं करेंगी। मनरेगा को लेकर किसानों ने कहा कि गांवों के मजदूर पहले ही बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और अब 100 दिन रोजगार की गारंटी देने वाला कानून लगभग निष्प्रभावी कर दिया गया है। केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है और कानून का नाम बदलकर मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया गया है। इसके अलावा मजदूरों के हित में बने पुराने कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड लागू किए गए हैं, जिससे श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा, काम के घंटे बढ़ेंगे और हड़ताल का अधिकार भी छीना जा रहा है। किसान नेताओं ने इन सभी मुद्दों पर जनता को सतर्क रहने की अपील की। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन लाखोवाल के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनप्रीत सिंह अमलाला, ब्लॉक प्रधान रणजीत सिंह राणा, हरि सिंह बहोड़ा, कुल हिंद किसान सभा के नेता बलविंदर सिंह जड़ौत, अवतार सिंह डप्पर, विनोद चुग, महिंदर सिंह सरसीनी, सुरिंदर सिंह जड़ौत, नसीब सिंह जड़ौत, जमहूरी किसान सभा के नेता गुरबिंदर सिंह चौंधेड़ी, दलवीर सिंह, रणबीर सिंह, जसविंदर सिंह और नैब सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान व मजदूर संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। यदि आप चाहें तो मैं इसे 300 शब्द, बॉक्स + कोट, या हेडलाइन के 2–3 विकल्प के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।