Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़/यूटर्न/28 मार्च। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की दूरदर्शी सोच के तहत पंजाब में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंजाब ने अंतरराष्ट्रीय संस्था Jhpiego के साथ दीर्घकालिक साझेदारी के लिए समझौता किया। यह समझौता स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षरित हुआ। इस पहल का उद्देश्य प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। डिजिटल और डेटा आधारित तकनीकों की मदद से उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। इससे एंटीनैटल, इंट्रानेटल और पोस्टनैटल देखभाल बेहतर होगी। इस सहयोग के तहत लाभार्थी ट्रैकिंग सिस्टम, आईओटी उपकरण और लेबर रूम मॉनिटरिंग सिस्टम को एकीकृत किया जाएगा, जिससे गर्भवती महिलाओं और नवजातों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण, निगरानी और नीति स्तर पर सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी।