जगरांव/यूटर्न/28/मार्च। जगरांव के प्रतिष्ठित बंसल परिवार की पुत्रवधू और डॉ. करण बंसल की धर्मपत्नी डॉ. शैली ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस विभाग में किए गए अपने शोध के माध्यम से डॉ. शैली ने त्वचा के कैंसर (स्किन कैंसर) की जल्द और सुरक्षित पहचान के लिए एक नई तकनीक विकसित की है।
शोध का मुख्य उद्देश्य और तकनीक
डॉ. बाल कृष्ण के मार्गदर्शन में किए गए इस शोध में डर्मोस्कोपिक डिजिटल इमेजेस का उपयोग किया गया है। डॉ. शैली ने बताया कि इस शोध का मुख्य लक्ष्य त्वचा के कैंसर का पता लगाने के लिए किए जाने वाले अनावश्यक और दर्दनाक 'बायोप्सी टेस्ट' को कम करना है।
हाई-लेवल ट्रेनिंग तकनीक: यह अध्ययन उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण आधारित तकनीकों (AI/Machine Learning) पर केंद्रित है।
प्रक्रिया: इसमें इमेज प्री-प्रोसेसिंग, सेगमेंटेशन, फीचर एक्सट्रैक्शन और वर्गीकरण जैसे चरण शामिल हैं।
सटीकता (Accuracy): शोध के दौरान ISIIC डेटासेट के लिए 99.62% और PH2 डेटासेट के लिए 99.98% की असाधारण सटीकता प्राप्त हुई है। कैंसर के बढ़ते मामलों पर लगेगी लगाम
डॉ. शैली के अनुसार, स्किन कैंसर के मामले सालाना 1% की दर से बढ़ रहे हैं। शुरुआती चरण में सटीक पहचान न होने के कारण मृत्यु दर में भी इजाफा होता है। यह शोध एक ऐसा स्वचालित (Automated) डायग्नोस्टिक टूल तैयार करने में मदद करेगा, जो डॉक्टरों को शुरुआती स्तर पर ही बीमारी पकड़ने में सक्षम बनाएगा।
"यह हाइब्रिड दृष्टिकोण न केवल बीमारी की पहचान को सटीक बनाता है, बल्कि गणना संबंधी जटिलताओं को भी कम करता है, जिससे इलाज जल्दी शुरू हो सकता है।"
डॉ. बाल कृष्ण (पर्यवेक्षक)
अकादमिक और व्यक्तिगत उपलब्धियां
प्रकाशन: इस शोध से संबंधित 4 शोध-पत्र प्रतिष्ठित SCI इंडेक्स्ड जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी 4 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए हैं।
पृष्ठभूमि: डॉ. शैली मूल रूप से पंजाब के मलोट जिले की रहने वाली हैं। वर्तमान में वे एमिटी यूनिवर्सिटी (गुरुग्राम) के विज्ञान विभाग में अपनी सेवाएं दे रही हैं।
इस उपलब्धि से न केवल बंसल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में कैंसर उपचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।