चंडीगढ़/यूटर्न/27 मार्च।मनीमाजरा EWS रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने चंडीगढ़ नगर निगम द्वारा पानी के टैरिफ, सीवरेज सेस और कचरा संग्रहण शुल्क में बढ़ोतरी के फैसले का कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने इसे आम जनता, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) पर सीधा हमला बताया है।
एसोसिएशन के प्रधान श्याम सुंदर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय और चेयरमैन सुभाष धीमान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 1 अप्रैल से लागू होने वाली 5% पानी दर वृद्धि और अन्य शुल्कों में बढ़ोतरी “जनविरोधी” है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
हर साल करोड़ों का अतिरिक्त बोझ
एसोसिएशन के अनुसार, पानी के टैरिफ में बढ़ोतरी से नगर निगम को सालाना करीब 7.5 से 8 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। वहीं कचरा संग्रहण शुल्क में 5% वृद्धि से करीब 1.2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली होगी।
इसके अलावा, सीवरेज सेस पानी की खपत का 20% होने के कारण पानी महंगा होने पर यह भी स्वतः बढ़ जाएगा, जिससे लोगों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
‘निगम की नाकामी का बोझ जनता क्यों उठाए?’
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनीमाजरा में 24x7 पानी सप्लाई का पायलट प्रोजेक्ट विफल रहा है और इस मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। इसके बावजूद अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के बजाय आम जनता पर टैक्स बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में कार्रवाई अधूरी है और “बड़े जिम्मेदार” अब भी बाहर हैं।
महंगाई के बीच बढ़ा दबाव
एसोसिएशन का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई रसोई गैस, बिजली और अन्य जरूरी सेवाओं के दाम आम आदमी की कमर तोड़ रहे हैं। ऐसे में पानी की दरों में वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर और दबाव बढ़ेगा।
आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 1 अप्रैल से लागू होने वाली यह बढ़ोतरी तुरंत वापस नहीं ली गई, तो मनीमाजरा क्षेत्र के हजारों निवासी सड़कों पर उतरेंगे।पदाधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही नगर निगम कार्यालय का घेराव करने को मजबूर होंगे और इस फैसले के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रशासन से पुनर्विचार की मांग
एसोसिएशन ने मांग की है कि नगर निगम इस फैसले पर दोबारा विचार करे और गरीब वर्ग को राहत देने के लिए बढ़ी हुई दरों को वापस ले।