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ज़ीरकपुर 03 Jan : शहर में चाइना डोर (चीनी मांझा) के उपयोग से हो रही लगातार घटनाओं और इसके गंभीर दुष्परिणामों को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से सतर्क रहने और इसका पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि चाइना डोर न केवल इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मोहाली के एसडीओ अतुल शर्मा ने बताया कि चाइना डोर प्लास्टिक के धागे और धातु के बारीक पाउडर से तैयार की जाती है। यह न तो आसानी से टूटती है और न ही गलती है, जिससे इसके संपर्क में आने पर गंभीर कट लगने और दम घुटने जैसी घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी इस डोर के कारण घायल होते हैं या अपनी जान गंवा देते हैं। इसके अलावा यह दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और बच्चों के लिए भी बड़ा खतरा बनी हुई है। कई बार उड़ती हुई चाइना डोर बिजली के तारों से उलझकर करंट फैलने का कारण भी बन जाती है, जिससे बड़े हादसे होने की आशंका रहती है। नगर परिषद ज़ीरकपुर के सैनिटरी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चाइना डोर के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्व चोरी-छिपे इसकी बिक्री कर रहे हैं, जो कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद और अन्य संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान, जब्ती और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि नगर परिषद द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि पतंगबाजी के दौरान बच्चे और युवा सुरक्षित विकल्प अपनाएं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि केवल सूती धागे से बनी भारतीय डोर का ही प्रयोग किया जाए। प्रशासन ने ज़ीरकपुर के नागरिकों, दुकानदारों और अभिभावकों से अपील की है कि वे चाइना डोर का उपयोग न करें और न ही इसकी खरीद-फरोख्त में शामिल हों। यदि कहीं भी चाइना डोर की बिक्री या उपयोग की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या नगर परिषद को दें। प्रशासन ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।