कौशल प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री गौरव गौतम
आईटीआई के जर्जर भवनों की होगी ग्राउंड जांच, नए भवन निर्माण की तैयारी
अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारी, विदेशी प्लेसमेंट पर भी तेज होंगे प्रयास
चंडीगढ़, 3 जनवरी।
हरियाणा के युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल कौशल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षित युवाओं को सम्मानजनक और स्थायी रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आईटीआई व अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से निकलने वाले प्रत्येक युवा को रोजगार मिलना सुनिश्चित करना सरकार और विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे पूरी गंभीरता के साथ निभाया जा रहा है।
मंत्री पंचकूला स्थित कौशल भवन में स्किल्ड विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, रजिस्ट्रारों तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से जुड़े विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
आईटीआई भवनों की फिटनेस जांच, जर्जर इमारतों की होगी जगह नई संरचनाएं
मंत्री ने निर्देश दिए कि मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को एक-एक जिले की जिम्मेदारी सौंपी जाए। अधिकारी ग्राउंड लेवल पर जाकर आईटीआई भवनों की फिटनेस जांच करेंगे और जर्जर भवनों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे, ताकि वहां नए आधुनिक भवनों का निर्माण किया जा सके।
विदेशी प्लेसमेंट के अवसर बढ़ाने पर जोर
श्री गौतम ने कहा कि हरियाणा कौशल विभाग युवाओं को विदेशी प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध करवा रहा है। इस दिशा में प्रयासों को और तेज किया जाए तथा संबंधित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें।
रोजगार मेलों के वास्तविक आंकड़ों की होगी समीक्षा
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में भाग लेने वाली कंपनियों से मिलने वाले वास्तविक प्लेसमेंट आंकड़ों की नियमित समीक्षा की जाए, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।
योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
मंत्री ने शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधारभूत ढांचे को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर देते हुए कहा कि युवा सक्षम योजना, फ्लैगशिप स्कीम और गुरु-शिष्य योजना सहित सभी महत्वपूर्ण योजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएं।
ड्यूल ट्रेनिंग सिस्टम से बढ़ेगा रोजगार
मंत्री ने दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (ड्यूल ट्रेनिंग सिस्टम) की सराहना करते हुए कहा कि इससे युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है, जो रोजगार प्राप्त करने में बेहद सहायक सिद्ध होता है।
बैठक में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, हरियाणा कौशल रोजगार निगम के सीईओ अमित खत्री, स्किल डवलपमेंट एंड इंडस्ट्रियल हरियाणा के महानिदेशक विवेक अग्रवाल, रोजगार निगम की निदेशक अंजू चौधरी, विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी, पलवल के कुलपति दिनेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।