चंडीगढ़/यूटर्न/26 मार्च। गांव अमलाला के पास घग्गर नदी में कथित अवैध माइनिंग को लेकर बुधवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस हलका इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों की अगुवाई में अमलाला समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों लोग एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने रेत से भरे टिप्परों को रोककर मौके पर ही धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया कि इलाके में दिन-रात अवैध माइनिंग हो रही है और इसमें सत्ताधारी दल के लोगों की मिलीभगत है। उन्होंने हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि उनकी शह पर यह काम चल रहा है, जबकि प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। ढिल्लों ने यह भी दावा किया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ सरपंचों के टिप्पर और पोकलेन मशीनें इस माइनिंग में लगी हुई हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि माइनिंग में लगे भारी वाहनों की आवाजाही से घग्गर नदी पर बना पुल जर्जर हो चुका है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है और कई गांवों का संपर्क टूट सकता है।
प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से माइनिंग बंद कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द अवैध माइनिंग पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो चक्का जाम जैसे सख्त कदम भी उठाए जाएंगे।
अधिकारी बोले प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि स्थानीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की बात कही जा रही है।
क्षेत्र में अवैध माइनिंग खुलेआम चल रही है। प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं कर रहा। अगर यह तुरंत बंद नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।”