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अकाली दल ने सरपंच पाली को 24 घंटे मैं सबूत पेश करने जा माफी मांगने का दिया अल्टीमेटम -चरणजीत सिंह चन्न- जगरांव/यूटर्न/26मार्च। 18 मार्च को जगरांव में आयोजित “पंजाब बचाओ रैली” को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणियों के बाद सियासी माहौल गर्मा गया है। शिरोमणि अकाली दल ने आम आदमी पार्टी समर्थक एवं गांव डल्ला के सरपंच गोपाल सिंह पाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, सरपंच पाली ने आरोप लगाया था कि रैली में परोसा गया लंगर गुरुद्वारा गुरूसर काऊंके से लाया गया था। अकाली दल ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि इस तरह के बयान न केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले भी हैं। हलका इंचार्ज एवं कोर कमेटी सदस्य एस.आर. क्लेर ने कहा कि रैली की अभूतपूर्व सफलता से बौखलाए विरोधी दल अब ओछी राजनीति पर उतर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच की टिप्पणी एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है और यदि निर्धारित समय के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर नेता गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि गुरुधामों से जोड़कर झूठे आरोप लगाना सिख मर्यादा के विरुद्ध है, जिससे संगत की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैली का लंगर एक निजी ठेकेदार के माध्यम से लाखों रुपये खर्च कर तैयार करवाया गया था। जिला प्रधान चंद सिंह डल्ला, पूर्व चेयरमैन दीदार सिंह मल्क समेत अन्य नेताओं ने भी सरपंच पाली के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लंगर से संबंधित भुगतान के सभी दस्तावेज तथा सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, जो सच्चाई को उजागर करने के लिए पर्याप्त हैं। वहीं, जब इस संबंध में सरपंच गोपाल सिंह पाली से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास इस मामले से जुड़े पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे ये सबूत सार्वजनिक करेंगे और सच्चाई को सामने लाकर रहेंगे।