पटिआला/यूटर्न/25 मार्च। पटियाला में आयोजित सप्त दिवसीय श्री राम कथा के छठे दिन भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। जब भगवान श्री राम द्वारा शबरी के जूठे बेर प्रेमपूर्वक स्वीकार करने का प्रसंग सुनाया गया, तो श्रद्धालु भावुक हो उठे। श्री सनातन धर्म सभा (पंजीकृत) के तत्वावधान में एस.डी.एस.ई. सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित इस कथा में सैकड़ों भक्तों ने भाग लिया।
सभा के प्रधान लाल चंद जिंदल ने कहा कि यह प्रसंग समाज में समरसता, प्रेम और भेदभाव मिटाने का सशक्त संदेश देता है। कथा व्यास संजीव गुरु जी महाराज ने ‘सीता हरण’ से कथा का आरंभ करते हुए शबरी की वर्षों की प्रतीक्षा और उनकी निष्कलंक भक्ति का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि प्रभु केवल सच्चे भाव के भूखे होते हैं, न कि बाहरी आडंबर के।
कथा के दौरान हनुमान जी द्वारा लंका दहन का रोमांचक प्रसंग भी सुनाया गया, जो अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भजनों और मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति में डूबकर प्रभु चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक आरती के साथ हुआ।