जगराओं की जानी-मानी शख्सियत के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब,
राजनीतिक व सामाजिक दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
राजनीतिक व सामाजिक दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि
-चरणजीत सिंह चन्न-
जगरांव/यूटर्न/24/मार्च।
प्रताप सिंह क्षेत्र के प्रतिष्ठित भंडारी परिवार के मुखिया और जगरांव की सम्मानित शख्सियत सरदार सतनाम सिंह भंडारी आज पंचतत्व में विलीन हो गए। 75 वर्ष की आयु में कल रात उन्होंने इस नश्वर संसार को अंतिम विदाई दी थी। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। शहर के श्मशान घाट में आयोजित उनके अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम नजर आई।
अंतिम यात्रा में शामिल हुए दिग्गज
स्वर्गीय भंडारी को विदाई देने के लिए समाज के हर वर्ग के लोग पहुंचे। उनकी अंतिम यात्रा में धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित भारी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
प्रमुख रूप से:
शिरोमणि अकाली दल के जिला ग्रामीण अध्यक्ष चद सिंह डल्ला और शहरी अध्यक्ष चरणजीत सिंह चीनू।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर सुखविंदर सिंह और विधायक बीबी सरबजीत कौर मानुके।
धार्मिक संस्थाएं: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य भाई गुरचरण सिंह ग्रेवाल, खालसा परिवार और लोक सेवा सोसाइटी के प्रतिनिधि।
पूर्व
जनप्रतिनिधि: पूर्व विधायक एस.आर. कलेर, पूर्व चेयरमैन कंवलजीत सिंह मल्ला और नगर परिषद के कई पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी।
परिवार ने दी मुखाग्नि
सरदार सतनाम सिंह भंडारी की चिता को उनके भाई व प्रसिद्ध संगीतकार भाई निरपाल सिंह अबोहर वाले, उनके भतीजे प्रिंसिपल चरणजीत सिंह भंडारी (अध्यक्ष, गुरुद्वारा गुरु नानकपुरा मोरी गेट), वरिष्ठ अकाली नेता दीपिंदर सिंह भंडारी, और उनके पोतों— इश्मीत सिंह, कश्मीत सिंह व अंशप्रीत सिंह ने मुखाग्नि दी।
शोक व्यक्त करने वाली प्रमुख हस्तियां
अंतिम संस्कार के दौरान और परिवार के साथ दुख साझा करने वालों में एडवोकेट महिंदर सिंह सिधवां, ठेकेदार हरविंदर सिंह चावला, नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष कंवरपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष अमरजीत सिंह मालवा, सतीश कुमार पप्पू, रिशवदीप सिंह हेरां (मैनेजिंग एडिटर, पहरेदार), और लायंस क्लब जगरांव यूथ के अध्यक्ष राजिंदर जैन काका सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
श्रद्धांजलि: "सरदार सतनाम सिंह भंडारी का जाना जगराओं के सामाजिक ताने-बने के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे एक ऐसे मार्गदर्शक थे जिन्होंने हमेशा मिलनसार स्वभाव और सेवा भावना को सर्वोपरि रखा।"