हरियाणा/ यूटर्न/23 मार्च।करनाल के आंसल क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” जैसे अभियानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सैकड़ों पेड़ों को कथित तौर पर छंटाई के नाम पर इस कदर काट दिया गया कि उनकी दोबारा वृद्धि भी मुश्किल हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सामान्य छंटाई नहीं बल्कि सुनियोजित कटाई थी। पेड़ों की लकड़ियों को ट्रॉलियों में भरकर ले जाया गया। विरोध करने पर संबंधित लोगों ने अनुमति होने का दावा किया, लेकिन जांच में यह अनुमति संदिग्ध पाई गई। आंसल निवासी आशीष मित्तल ने बताया कि बाहर से लौटने पर उन्होंने पेड़ों की खराब हालत देखी। पूछने पर छंटाई की बात कही गई, जबकि असल में पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचाया गया था। बाद में पता चला कि दिखाई गई अनुमति 2024 तक ही मान्य थी। घटना के बाद लोगों ने वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। वन विभाग के अधिकारी साहिल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अवैध कटाई के संकेत मिले हैं। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।