चंडीगढ़/ यूटर्न/23 मार्च।चंडीगढ़ की एक अदालत ने नशा तस्करी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी अरुण कुमार (32), निवासी मौली जागरान, को एनडीपीएस एक्ट के तहत 10 साल की सख्त सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा, आरोपी से हथियार बरामद होने के चलते अदालत ने आर्म्स एक्ट के तहत 7 साल की सजा और 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा का प्रावधान रखा गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी और ट्रायल के दौरान बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। दोषी की ओर से बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि वह अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला है और उसके बुजुर्ग माता-पिता बीमार रहते हैं, इसलिए उसे राहत दी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी के पास से 20 किलो 300 ग्राम गांजा, एक पिस्तौल और 6 कारतूस बरामद हुए हैं। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नशा समाज और युवाओं को बर्बाद कर रहा है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।