हरियाणा/ यूटर्न/21 मार्च।करनाल सहित प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश ने जहां पहले किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, वहीं अब कृषि विशेषज्ञों की राय से राहत मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम गेहूं की फसल के लिए लाभकारी साबित हो रहा है और बेहतर पैदावार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया कि गेहूं एक शीतकालीन फसल है, जिसे ठंडा वातावरण अनुकूल होता है। इस समय फसल दाने बनने और भराव की महत्वपूर्ण अवस्था में है। हल्की से मध्यम बारिश खेतों में जरूरी नमी बनाए रखती है, जिससे दानों का आकार और गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी मजबूत होती है। बारिश के चलते तापमान में आई गिरावट भी फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। अधिक तापमान जहां नुकसान पहुंचा सकता है, वहीं ठंडा मौसम फसल के संतुलित विकास में सहायक है। हालांकि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह भी दी है। जिन खेतों में पानी जमा हो गया है, वहां तुरंत निकासी की व्यवस्था जरूरी है, क्योंकि जलभराव फसल को नुकसान पहुंचा सकता है। कुल मिलाकर यह बारिश गेहूं उत्पादकों के लिए उम्मीदों की नई किरण लेकर आई है।