पंजाब/यूटर्न/18 मार्च। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने नशा तस्करी और आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए एक विशाल संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम "युद्ध नशा विरुद्ध" अभियान के तहत नकोदर सब-डिवीजन के लिली फार्म पैलेस, जालंधर-नकोदर रोड पर हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह विर्क, पीपीएस, के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर डॉ. मुकेश कुमार, पीपीएस, एसपी (स्थानक); इंदरजीत सिंह, डीएसपी (तफ्तीश); ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी (सब-डिवीजन नकोदर); और सुखपाल सिंह, डीएसपी (सब-डिवीजन शाहकोट) भी मौजूद थे। सभा को संबोधित करते हुए एसएसपी विर्क ने वर्ष 2025 में जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा की गई महत्वपूर्ण कार्यवाहियों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 2000 मामले दर्ज किए गए, जो नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाते हैं। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए, लगभग 900 व्यक्तियों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया गया और करीब 6700 युवाओं को OOAT केंद्रों से जोड़ा गया, जिससे उन्हें सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिली। अंत में, एसएसपी विर्क ने जनता से "युद्ध नशा विरुद्ध" और "गैंगस्टरों ते वार" जैसे अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि नशों और अपराध के खिलाफ यह लड़ाई एक साझा जिम्मेदारी है, और सामूहिक प्रयासों से ही एक नशा-मुक्त, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। कार्यक्रम में जतिंदर सिंह टाहली (सरपंच एवं ट्रक यूनियन प्रधान), दर्शन सिंह टाहली (चेयरमैन, जिला परिषद), चरणजीत सिंह (चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), जीवन सिंह (वाइस चेयरमैन, ब्लॉक समिति नकोदर), सुरिंदर गढ़वाल (जिला कोऑर्डिनेटर, “युद्ध नशा विरुद्ध” अभियान), हरमेश सोही (काउंसलर, नकोदर), विपन शर्मा (एमडी, सत्यम कॉलेज) और सरबजीत कौर (ब्लॉक प्रधान, शहरी) जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनके साथ कई सरपंच, गांव प्रतिनिधि और विभिन्न गांवों के सम्मानित व्यक्ति भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में लगभग 500 नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।