निगम ने बदली परंपरा: ठेकेदारों को बिना ‘परसेंटेज’ मिली करोड़ों की पेमेंट
ठेकेदारों ने निगम कमिश्नर से मुलाकात कर सुनाया दुखड़ा , जताया आभार
ठेकेदारों ने निगम कमिश्नर से मुलाकात कर सुनाया दुखड़ा , जताया आभार
लुधियाना 17 March : तीन साल के लम्बे समय बाद सोमवार को निगम द्वारा 55 ठेकेदारों को जारी की गई लगभग 18 करोड़ रु की पेमेंट चर्चा का विषय बन गई। जिसकी मुख्य वजह इतनी बड़ी पेमेंट का बिना किसी कमीशन, घूसखोरी एवं कट के रिलीज होना है। चर्चाओं की माने तो करीब तीन साल बाद ऐसा इतिफाक हुआ है जब ठेकेदारों को बिना किसी शोषण पेमेंट का भुगतान हुआ है। इसी के चलते मंगलवार को B&R और MC लुधियाना कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के पधादिकारियों ने निगम कार्यालय पहुंच कमिश्नर नीरू कत्याल से मुलाकात कर उनका आभार जताया। इनमें तविंदर पाल सिंह मिंटू ,गुरविंदर सिंह ,वरिंदर सिंह, हरमिंदर सिंह, अजय जिंदल ,अरविंदर पाल सिंह हीरो,राकेश कुमार शामिल रहे।
चर्चाओं अनुसार मीटिंग दौरान ठेकेदारों ने कमिश्नर कत्याल को पिछली समय हुए शोषण का दुखड़ा भी सुनाया। जिसमें कही सफ़ेद पोशों की पोल भी खुलने के संकेत है।
गौरतलब है की पिछले लम्बे समय से निगम में कमीशन एवं घूसखोरी के किस्से किसी से छिपे नहीं है खोरी ऐसे में बिना किसी % ठेकेदारों को इतनी बड़ी पेमेंट रिलीज होने से अच्छे ाचों की नीदें हराम होटी प्रतीत हो रही है। उधर बिना कमीशन और शोषण के पेमेंट रिलीज होने से ठेकेदारों में ख़ुशी का माहौल है। ठेकेदारों में चर्चा है की ऐसा केवल लोकल बॉडी मंत्री संजीव अरोड़ा और निगम कमिश्नर नीरू कत्याल के कारण ही संभव हो पाया है
ये रह चुके है निगम कमिश्नर।
चर्चाओं की माने तो पिछली पंजाब सरकार के कार्यकाल से निगम में कमीशनिंग और घुसखोरी ने जोर पकड़ा। इस दौरान लुधियाना में प्रदीप सभरवाल ,संदीप ऋषि ,आदित्य डेच्वाल निगम कमिश्नर की पोस्ट पर तैनात रहे। लेकिन मंत्री अरोडा और आईएएस कमिश्नर नीरू कत्याल गुप्ता ने कमान सँभालते इस कमीशनिंग के खेल पर नकेल कस दी।