चंडीगढ़/यूटर्न/17 मार्च।हरियाणा सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इस दिशा में भारतीय तेल निगम लिमिटेड (IOC) द्वारा पानीपत में 10,000 टन प्रति वर्ष क्षमता की देश की पहली मेगा ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना पीपीपी मॉडल पर स्थापित की जा रही है। इस परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक इसे शुरू करना है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस परियोजना की प्रगति और बिजली आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। इस परियोजना के तहत पानीपत रिफाइनरी को ग्रीन हाइड्रोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा और नरेन्द्र मोदी के पंचामृत संकल्पों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। राज्य की नई औद्योगिक नीति में ग्रीन हाइड्रोजन को प्राथमिक (थ्रस्ट) सेक्टर के रूप में शामिल किया जा रहा है। इस परियोजना से रिफाइनिंग और इस्पात जैसे उच्च प्रदूषण वाले उद्योगों के डीकार्बोनाइजेशन में मदद मिलेगी, जिससे हरियाणा लो-कार्बन रिफाइनिंग और ग्रीन स्टील उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।इसके अलावा, यह परियोजना निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। अनुमान है कि ग्रीन हाइड्रोजन क्षमता बढ़ने पर राज्य में करीब 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं। यह पहल हरियाणा की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ग्रीन ऊर्जा आधारित विकास के विजन को भी आगे बढ़ाएगी।