जम्मू कश्मीर/यूटर्न/ 16 मार्च।शब-ए-क़द्र की इस पवित्र और बरकत भरी रात पर मैं मुस्लिम उम्माह को, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के अपने बहनों और भाइयों को दिल से मुबारकबाद और शुभकामनाएँ देती हूँ।
यह “लैलतुल क़द्र” इबादत, आत्मचिंतन और अल्लाह तआला की रहमत और मग़फिरत मांगने की रात है। आइए इस मुबारक मौके पर हम सब अमन, तरक्की और पूरी इंसानियत की भलाई के लिए दुआ करें। अल्लाह हमारी दुआओं को कबूल फरमाए और हमारे दिलों को अपनी रहमत और नूर से रोशन करे।