नवीन गोगनायूटर्न
अमृतसर 15 मार्च/यूटर्न : कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर ने सरहद पार से चल रहे हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 आधुनिक पिस्तौल (PX 5.7×28 mm TISAS टर्की सीरीज), 60 जिंदा कारतूस और 3.513 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच के दौरान यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पाकिस्तान आधारित तस्करों के साथ संबंध हैं। ये तस्कर भारत–पाकिस्तान सीमा के पास ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी एक सरहद पार के हैंडलर के अधीन काम कर रहे थे, जिससे एक बड़े संगठित तस्करी नेटवर्क के संकेत मिल रहे हैं।
गरीबी के कारण अपराध की दलदल में रखा कदम
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि “इस मामले संबंधी अमृतसर के थाना गेट हकीमा, थाना छेहरटा और थाना वेरका में एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस अब आरोपियों के आगे और पीछे के संबंधों की जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि “गिरफ्तार किए गए अधिकतर युवक 19 से 24 साल की उम्र के हैं। ये युवक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं। कुछ युवक मजदूरी, वेल्डिंग और छोटे-मोटे काम करते थे, जिन्हें विदेशी हैंडलरों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए लालच देकर इस तस्करी में शामिल किया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में करण सिंह और गुरप्रीत को पहले एंटी नारकोटिक ऑपरेशन सेल द्वारा काबू किया गया था, जो खेमकरण क्षेत्र के रहने वाले हैं। इसके अलावा, मख्खन दीन उर्फ मख्खन, राकेश उर्फ केशू, चमकौर सिंह और जसबीर उर्फ बीरा को भी गिरफ्तार किया गया है। कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले भी हथियारों और नशे से जुड़े मामले दर्ज हैं।”
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी
पुलिस का कहना है कि सरहद पार से ड्रोन के जरिए बार-बार हथियार और नशीले पदार्थ भारतीय सीमा में गिराए जा रहे हैं, जिन्हें स्थानीय युवकों के जरिए उठवाया जाता है। ये युवक छोटे-छोटे लालचों के चक्कर में आकर इस तरह के गैरकानूनी कामों में फंस जाते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशों, गैरकानूनी हथियारों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी और इस मामले से जुड़े अन्य संभावित लिंक और कंसाइनमेंट्स की भी जांच की जा रही है।