पंजाब/यूटर्न/ 14 मार्च। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए सहारा बनी। मोहाली के माणिकपुर गांव की रहने वाली एक महिला का गंभीर दिल का इलाज इस योजना के तहत कैशलेस तरीके से कराया गया, जिससे परिवार को करीब 3 से 4 लाख रुपये के संभावित खर्च से राहत मिली। जानकारी के अनुसार, सुखविंदर कौर को अचानक तेज सीने में दर्द और मधुमेह से जुड़ी दिक्कतें होने लगीं, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने दिल में गंभीर समस्या बताते हुए तुरंत स्टेंट डालने की सलाह दी। ऐसे में इलाज और अस्पताल में भर्ती का खर्च लाखों रुपये तक पहुंचने की संभावना थी, जिसे तुरंत जुटाना परिवार के लिए मुश्किल था। हालांकि, मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उनकी पात्रता की पुष्टि होने के बाद आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी की गई और सूचीबद्ध अस्पताल में उनका इलाज कैशलेस तरीके से किया गया। करीब एक सप्ताह तक निगरानी में रखने के बाद महिला को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उस समय उनकी सबसे बड़ी चिंता मरीज की सेहत थी, लेकिन इतनी बड़ी रकम का तुरंत इंतजाम करना आसान नहीं था। योजना के कारण वे आर्थिक चिंता से मुक्त होकर इलाज पर ध्यान दे सके। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में इस योजना के तहत अब तक 9 लाख से अधिक सेहत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों को इस योजना के अंतर्गत मुफ्त इलाज मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र परिवार को पैसों की कमी के कारण जरूरी इलाज में देरी न करनी पड़े। उन्होंने बताया कि सरकार ने योजना के तहत दावों के समय पर भुगतान और कैशलेस इलाज को सुचारू रखने के लिए बीमा कंपनी को 5 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में दिल की सर्जरी, कैंसर उपचार और किडनी से जुड़ी बीमारियों सहित कई गंभीर इलाज कवर किए जाते हैं, जिससे राज्य के हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।