दलजीत अजनोहा
होशियारपुर
होशियारपुर/यूटर्न/12 मार्च।सिख कौम का इतिहास कुर्बानियों से भरा पड़ा है। मासूम बच्चों सहित आयु के आखिरी पड़ाव पर पहुंचे योद्धे जबर जुल्म के खिलाफ डट के लड़े, खुद शहादत का जाम पीकर अमर हो गए और गरीब , दबे कुचले, समाज के दुराचारियों को अणख से जीने और जाबरों का अंत करने की शिक्षा सिखा गए। इन शब्दों का प्रगटावा आज साहिबजादा बाबा अजीत सिंह जी महाराज और उनके साथी समूह सिदकी शहीद सिंहों को समर्पित वार्षिक शहीदी जोड़ मेले पर गांव नंगल खिलाड़ियों के गुरुद्वारा सिंह शहीदों में गुरु की लाडलियां फौजें निहंग सिंहों के जत्थे सहित पहुंचे सिंह साहिब जत्थेदार बाबा गुरुदेव सिंह जी मुखी मिशन शहीदां तरना दल साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी महाराज छावनी बजवाड़ा कलां वालों ने किया। बसी कलां के जालिम व हंकारि हाकिम जाबर खान ने जुल्म की अत्त कर दी थी । उस समय सरबंसदानी गुरु पिता दसमेश जी अनुमति और आशीर्वाद लेकर सिंहां के जत्थे सहित बसी कलां पहुंचे साहिबजादा बाबा अजीत सिंह ने एक अबला की इज्जत की राखी ही नही की बल्कि पापी जाबर खान को मश्कां बांध कर आनंदपुर साहिब के धरती पर गुरु साहिब जी के समक्ष पेश किया और उसे जलालत भरि मृत्यु की सजा दिला कर उससे क्षेत्र को मुक्त किया । इस वार्षिक शहीदी जोड़ मेले पर कविशरी जत्था भाई बलजोत सिंह ते सिमरनजोत सिंह ने अपनी कवितावां द्वारा संगतो को गुरु के लाडले शहीद सिंहां के खून से लिखित कुर्बानियां भरे जुझारू इतिहास से बाखूबी जोड़ा! गुर के कीरतनए संत बाबा जोगा सिंह जी रामू तिहाड़ा वालों ने देश विदेश से शहीदी दहाड़े पर पहुंची संगतां को गुरबाणी कीरतन सुनहरे सिख इतिहास से जोड़ा। संत बाबा अजैब सिंह जी चक्क मल्लां और संत बाबा बलवीर सिंह जी टूटोमजारे वालों ने भी संगतां को अपने प्रवचनों द्वारा निहाल किया। किसान नेता और सिंहां शहीदां के सेवादार तलविंदर सिंह हीर नंगल खिलाड़ियां ने अपने गांव पहुंचे समूह संतां महापुरषा और संगतां को स्वागतम कहा और धन्यवाद किया और समूह संगतों को शहीदां सिंहां के दर्शाए मार्ग पर चलते हुए जबर जुल्म का डट के विरोध करने हेतु एकत्र और तैयार वर तैयार रहने को अपील की । इस अवसर पर संत बाबा दर्शन सिंह, संत बाबा गुरमीत सिंह जी, संत बाबा जगतार सिंह जी बहोवाल, संत बाबा मक्खण सिंह टूटो मजारा, बसी कलां गुरु घर के सेवादार, सुंदर सिंह, बाबा मदन लाल जी भुल्लेवाल गुज्जरां वाले, सरदार झलमण सिंह कैनेडियन, भाई हरमेश सिंह जी दिल्ली, अवतार सिंह फगवाड़ा, सरदार गुरुदेव सिंह गिल, डी एस पी सूरिंदरपाल सिंह लिद्धड़, इं.स: गुरदियाल सिंह बैन्स, दलजीत सिंह बिट्टू, गुरमिंदर कैंडोवाल, नवदीप सिंह बैन्स, बड्डू सैणी, चैंचल सिंह हीर, मलकीत सिंह हीर, बलवीर सिंह, हरजिंदर सिंह प्रधान, सतनाम सिंह, संतोष सिंह, केसर सिंह, सतिंदर सिंह, डिंपल सिंह, गुरजंट सिंह, जसवीर सिंह गढ़शंकर, कश्मीर सिंह खैरड़, जस्विंदर सिंह सक्रूली, अगम सिंह, हुकम सिंह, दिलावर सिंह, लाली सिंह सहित भारी गिनती में संगतें साहिबजादा बाबा अजीत सिंह जी महाराज और उनके साथी सिंहां शहीदां की अदुत्ती शहादत नू प्रणाम करने और जुल्म खिलाफ लड़ने के लिए आशीर्वाद प्राप्त करन पहुंची हुई थी