Uturn Time
Breaking
सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत Chandigarh: हरियाणा में लर्निंग लाइसेंस के नियम बदले, अब पहले सीखनी होगी सेफ ड्राइविंग और फर्स्ट एड New Delhi: दिल्ली प्रदर्शन में 65 लोग घायल, आरएमएल अस्पताल में भर्ती; पुलिसकर्मी भी शामिल New Delhi: भारत और बेनिन मिलकर मजबूत करेंगे चुनाव प्रबंधन व्यवस्था, निर्वाचन कर्मियों के प्रशिक्षण पर बनी सहमति New Delhi: राहुल गांधी का सरकार पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ New Delhi: राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा: कृषि, एआई और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति Kolkata: दिल्ली छात्र आंदोलन पर ममता का केंद्र पर हमला, बोलीं- लोकतंत्र में लाठी नहीं, संवाद होना चाहिए Chandigarh: 2027 विधानसभा चुनाव लड़ेंगे अमृतपाल सिंह, 'वारिस पंजाब दे' ने सीएम चेहरा घोषित किया Mohali: एयरोट्रोपोलिस विस्तार के लिए 3,523 एकड़ भूमि अधिग्रहण का अवॉर्ड जारी, किसानों को मिलेंगे 23,457 करोड़ रुपये Chandigarh: बेअदबी केस में एसआईटी के सामने पेश हुए सुखबीर बादल, बोले- जांच में करूंगा पूरा सहयोग
Logo
Uturn Time
जगरांव/यूटर्न/12/मार्च। पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए '1158 सहायक प्रोफेसर और लाइब्रेरियन फ्रंट' ने आज जगरांव बस स्टैंड के पास भारी विरोध प्रदर्शन किया। सरकारी साइंस कॉलेज (जगरांव), सरकारी कॉलेज (ढुडीके) और सरकारी कॉलेज (कोरोटाना) के प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। ​सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या का आरोप ​मीडिया को संबोधित करते हुए प्रो. साहिल जिंदल ने शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा: शिक्षा मंत्री ने पिछले शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले की गलत व्याख्या करते हुए इन 1158 पदों पर नई भर्ती करने का बयान दिया है। यह उन अभ्यर्थियों के साथ सरासर अन्याय है जो पहले ही पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए भर्ती हो चुके हैं। ​फ्रंट का आरोप है कि सरकार ने उनके स्थायी रोजगार को सुरक्षित करने के लिए न तो कोई 'रिव्यू पिटीशन' (पुनर्विचार याचिका) गंभीरता से दायर की और न ही कोई कानूनी ठोस कदम उठाया। उन्होंने इसे सरकार की 'बदनीयती' करार दिया। ​अधिकारों के हनन और भविष्य पर संकट ​प्रो. सुरभि गुप्ता ने पंजाब सरकार के रुख की कड़वे शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कार्यकाल को 17 फरवरी, 2026 तक सीमित करना और 'मैटरनिटी लीव' (प्रसूति अवकाश) जैसे मौलिक अधिकारों पर पाबंदी लगाना सरकार के जन-विरोधी चेहरे को उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भर्ती अब उनके लिए 'जीने-मरने' का सवाल बन चुकी है। ​15 मार्च को बड़े आंदोलन का ऐलान ​फ्रंट ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि सरकार ने तुरंत बैठक कर उनकी मांगों का समाधान नहीं निकाला, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। ​बड़ा एक्शन: रविवार, 15 मार्च को गंभीरपुर स्थित शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के आवास के बाहर राज्य स्तरीय रोष प्रदर्शन किया जाएगा।